‘धारा शक्ति’ से बदलेगी तस्वीर, अब कोयला खदानों में भारी मशीनें चलाएंगी महिलाएं

एसईसीएल की ऐतिहासिक पहल, 12 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शुरू; गेवरा क्षेत्र में तैयार हो रही महिला एचईएमएम ऑपरेटर

कोरबा। कोल इंडिया की अनुषंगी कंपनी साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए ‘प्रोजेक्ट धारा शक्ति’ की शुरुआत की है। इस योजना के तहत पहली बार महिला कर्मचारियों को हेवी अर्थ मूविंग मशीन (एचईएमएम) ऑपरेटर के रूप में प्रशिक्षित किया जा रहा है, ताकि वे कोयला खदानों में डंपर, शॉवेल और अन्य भारी मशीनों का संचालन कर सकें।

एसईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक हरीश दुहन के मार्गदर्शन में संचालित इस कार्यक्रम के लिए कंपनी के विभिन्न क्षेत्रों से कैटेगरी-1 की 10वीं या उससे अधिक शिक्षित महिला कर्मचारियों का चयन किया गया है। कोरबा जिले के गेवरा क्षेत्र सहित अन्य परियोजनाओं की महिला कर्मियों को इस विशेष प्रशिक्षण में शामिल किया गया है।

6 जुलाई से शुरू हुआ यह 12 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम 18 जुलाई तक चलेगा। प्रशिक्षण में अत्याधुनिक सिम्युलेटर की सहायता से प्रतिभागियों को डंपर, शॉवेल एवं अन्य एचईएमएम के सुरक्षित और दक्ष संचालन का तकनीकी एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य महिला कर्मचारियों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाकर खदानों में महत्वपूर्ण परिचालन जिम्मेदारियों के लिए तैयार करना है।

प्रशिक्षण के शुभारंभ अवसर पर गेवरा क्षेत्र के महाप्रबंधक संजय कुमार मिश्रा, स्टाफ ऑफिसर श्रीमती सुधा बी. शिंदे सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रतिभागियों का पारंपरिक साफा पहनाकर और पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया।

पुरानी सोच बदलेगी, बढ़ेगा महिलाओं का आत्मविश्वास
एसईसीएल के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. शनिश कुमार ने बताया कि भारी खनन मशीनों का संचालन अब तक मुख्य रूप से पुरुष कर्मचारियों तक सीमित रहा है, लेकिन ‘प्रोजेक्ट धारा शक्ति’ इस परंपरा को बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने बताया कि महिला प्रतिभागियों के चयन और उन्हें इस नई जिम्मेदारी के लिए प्रेरित करने में महाप्रबंधक (मानव संसाधन) सुजाता रानी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस पहल से महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ेगा और खनन क्षेत्र में उनकी भागीदारी को नई पहचान मिलेगी।