एसईसीएल में बायोमेट्रिक अटेंडेंस अनिवार्य, नियम तोड़े तो वेतन कटेगा

कोरबा। दक्षिण पूर्वी कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) की कोयला खदानों में अब बायोमेट्रिक अटेंडेंस प्रणाली को पूर्ण रूप से लागू कर दिया गया है। इस महीने जारी नई सूचना के अनुसार, बायोमेट्रिक मशीन से उपस्थिति दर्ज न करने पर कर्मचारियों का वेतन कटेगा। एसईसीएल गेवरा एरिया के एचआर विभाग ने सभी विभागाध्यक्षों को पत्र जारी कर इसकी जानकारी दी है।

बायोमेट्रिक अटेंडेंस के नियम

एसईसीएल ने बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली के लिए 14 बिंदुओं पर आधारित नियम और अनुपालन संबंधी सूचना जारी की है।

इसके तहत:

ड्यूटी शुरू होने और कार्यस्थल से जाने के समय बायोमेट्रिक मशीन में अटेंडेंस दर्ज करना अनिवार्य है।

मशीन खराब होने पर उपस्थिति रजिस्टर में हस्ताक्षर करना होगा, जिसकी जिम्मेदारी विभागाध्यक्ष और सेक्शन ऑफिसर की होगी।

देर से आने या जल्दी जाने की स्थिति में मॉनिटरिंग रजिस्टर में प्रविष्टि होगी, जिसमें संबंधित अधिकारी के हस्ताक्षर अनिवार्य होंगे।

केवल एक बार अटेंडेंस मार्किंग पर कर्मचारी को अनुपस्थित माना जाएगा।

बिना स्वीकृत अवकाश या सूचना के अनुपस्थित रहने पर अवैतनिक अवकाश माना जाएगा।

शिफ्ट शुरू होने के 15 मिनट के भीतर अटेंडेंस जरूरी

नई नीति के अनुसार, कर्मचारियों को शिफ्ट शुरू होने के 15 मिनट के भीतर बायोमेट्रिक अटेंडेंस दर्ज करानी होगी। देरी होने पर इसे लेट अटेंडेंस माना जाएगा। हर तीन लेट अटेंडेंस पर एक दिन की कैजुअल लीव काटी जाएगी। 30 मिनट से अधिक देरी या शिफ्ट समाप्ति से पहले जाने पर कर्मचारी को अनुपस्थित माना जाएगा।

अनुमति प्रपत्र भरना अनिवार्य

कर्मचारियों को ड्यूटी स्थल बदलने, देर से आने, जल्दी जाने या कार्यालय न आने की स्थिति में तय प्रारूप में अनुमति प्रपत्र भरना होगा। इस प्रपत्र में जरूरी जानकारी के साथ रिपोर्टिंग अधिकारी को सूचित करना अनिवार्य है। मॉनिटरिंग रजिस्टर में प्रभारी अधिकारी कर्मचारियों के इन-टाइम और आउट-टाइम की जानकारी दर्ज करेंगे।

ठेका कर्मियों के लिए भी मांग

बायोमेट्रिक अटेंडेंस लागू होने के बीच यूनियनों ने ठेका कर्मियों के लिए ऑनलाइन अटेंडेंस सिस्टम की मांग उठाई है। हालांकि, एसईसीएल प्रबंधन ने इस पर अभी कोई कदम नहीं उठाया है। नियमित कर्मियों के लिए यह व्यवस्था पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से लागू की गई है।

कर्मचारियों पर बढ़ा अनुशासन का दबाव

नई बायोमेट्रिक प्रणाली से कोयला कर्मियों पर अनुशासन का दबाव बढ़ गया है। एसईसीएल का कहना है कि यह कदम कार्यस्थल पर पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।