अशोक वाटिका में प्रवेश शुल्क लागू: मंत्री के निर्देशों के बावजूद सैर-सपाटा हुआ महंगा

कोरबा शहर के ऑक्सीजोन के रूप में प्रसिद्ध अशोक वाटिका में सैर-सपाटा करने वालों को अब अपनी जेब ढीली करनी पड़ रही है। जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों के विरोध के बावजूद ठेकेदार ने अप्पू गार्डन की तर्ज पर टिकट छपवाकर प्रवेश शुल्क वसूलना शुरू कर दिया है।

इसके तहत 3 से 12 वर्ष तक के बच्चों के लिए 10 रुपये और इससे अधिक उम्र वालों के लिए 20 रुपये प्रवेश शुल्क निर्धारित किया गया है। इसके अलावा, वाहन पार्किंग के लिए भी शुल्क लागू किया गया है, जिसमें दोपहिया वाहन के लिए 10 रुपये और कार के लिए 20 रुपये देना पड़ रहा है।

जब इस प्रवेश शुल्क की जानकारी कुछ समय पहले जनप्रतिनिधियों, मीडिया और स्थानीय लोगों को मिली थी, तो इस मुद्दे ने तूल पकड़ा था। कई जनप्रतिनिधियों ने अशोक वाटिका में प्रवेश को निःशुल्क रखने की मांग की थी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए शहर विधायक और प्रदेश के केबिनेट मंत्री लखनलाल देवांगन ने नगर पालिका निगम के आयुक्त और कोरबा जिलाधीश को प्रवेश शुल्क पर रोक लगाने और वाटिका को निःशुल्क रखने के निर्देश दिए थे। हालांकि, मंत्री के निर्देशों का पालन नहीं हुआ और प्रवेश शुल्क लागू कर दिया गया।

हालांकि, सुबह 5 बजे से 9 बजे तक योगा और अन्य गतिविधियों के लिए आने वालों के लिए प्रवेश निःशुल्क रखा गया है, जो पहले से ही टेंडर की शर्तों में शामिल था। लेकिन दिन में 11 बजे से रात 9 बजे तक अशोक वाटिका में प्रवेश के लिए हर व्यक्ति को शुल्क देना पड़ रहा है।

ठेकेदार ने टिकट छपवाकर शुल्क वसूली शुरू कर दी है, जिससे सैर-सपाटा करने वालों में नाराजगी देखी जा रही है। स्थानीय लोग इस शुल्क को अनुचित मानते हुए इसे हटाने की मांग कर रहे हैं।