रूमराबहार नाला से अवैध रेत उत्खनन पर वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, ट्रैक्टर जब्त, पांच आरोपी पकड़े गए

कोरबा। कटघोरा वनमंडल के केंदई रेंज में रूमराबहार नाला से अवैध रेत उत्खनन कर पड़ोसी सरगुजा जिले में खपाने की तस्करों की योजना को वन विभाग ने नाकाम कर दिया। मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए वन विभाग की टीम ने गिद्धमुड़ी-खोटखोडरी मार्ग पर रेत से भरा एक ट्रैक्टर जब्त किया और चालक सहित पांच लोगों को हिरासत में लिया।

मिली जानकारी के अनुसार, वन विभाग को सूचना मिली थी कि रूमराबहार नाला, जो कटघोरा वनमंडल के केंदई रेंज में ग्राम गिद्धमुड़ी के पास स्थित है, वहां से रेत तस्कर अवैध रूप से गौण खनिज रेत निकालकर सरगुजा जिले में खपा रहे हैं। इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए डीएफओ कुमार निशांत के निर्देश पर रेंजर अभिषेक दुबे के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई।

टीम ने छापेमारी के दौरान गिद्धमुड़ी की ओर जा रहे रेत से भरे ट्रैक्टर को रोका। चालक पवन दास (पिता जगत दास, निवासी ग्राम घाटदर्रा, थाना उदयपुर, जिला सरगुजा) ने पूछताछ में बताया कि वह वाहन मालिक हीरलाल (पिता घनश्याम यादव) के कहने पर रूमराबहार नाला से रेत का परिवहन कर रहा था। चालक कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका और उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। इसके बाद वन विभाग ने ट्रैक्टर और उसमें भरी रेत को जब्त कर लिया।

आरोपियों के खिलाफ भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 33(1ख) और छत्तीसगढ़ वनोपज अभिवहन नियम 2001 के नियम-2 के तहत वन अपराध प्रकरण (पीओआर) दर्ज किया गया है। रेंजर अभिषेक दुबे ने बताया कि जब्त ट्रैक्टर और रेत को वन आवासीय परिसर में रखा गया है, और वाहन मालिक को तलब किया गया है, जिनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

इस कार्रवाई में प्रशिक्षु वन क्षेत्रपाल मुकेश साहू, वनपाल रंजीत कंवर, वनकर्मी विनोद कुमार राज, सुरेंद्र कंवर, पवन कुमार, विनय तंवर और ललित रजक की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वन विभाग की इस त्वरित कार्रवाई से रेत तस्करों में हड़कंप मच गया है। विभाग ने क्षेत्र में अवैध खनन पर नकेल कसने के लिए और सख्ती करने की बात कही है।