हरदीबाजार में ग्रामीणों की महासभा, नौकरी-मुआवजा और पुनर्वास को लेकर जताई नाराजगी

उचित मुआवजा और अधिकारों के निराकरण तक जमीन नहीं देने का निर्णय, सहमति के बिना कार्रवाई पर आंदोलन की चेतावनी

कोरब। एसईसीएल की दीपका परियोजना के लिए प्रस्तावित ग्राम हरदीबाजार के भूमि अर्जन को लेकर ग्रामीणों की चिंताएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। नौकरी, उचित मुआवजा और बेहतर पुनर्वास की मांग को लेकर रविवार को ग्राम हरदीबाजार में ग्रामीणों की महासभा आयोजित की गई।

इसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने शामिल होकर अपनी मांगों को दोहराया और भूमि अर्जन से जुड़े मुद्दों का समाधान होने तक संघर्ष जारी रखने का निर्णय लिया।

ग्रामीणों के अनुसार हरदीबाजार की भूमि अर्जन प्रक्रिया पिछले कई वर्षों से अलग-अलग चरणों में चल रही है। इस दौरान विभिन्न स्तरों पर प्रकाशन भी किए गए हैं। वहीं पिछले करीब नौ माह से घरों की नपाई सहित अन्य प्रक्रिया भी जारी है।

मुआवजा राशि और पुनर्वास को लेकर असंतोष
महासभा में ग्रामीणों ने कहा कि उन्हें प्रस्तावित मुआवजा राशि कम होने की चिंता है। इसके साथ ही जयंत नगर में प्रस्तावित पुनर्वास व्यवस्था को लेकर भी ग्रामीण संतुष्ट नहीं हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने इन समस्याओं के समाधान के लिए एसईसीएल प्रबंधन और जिला प्रशासन के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर नौकरी, उचित मुआवजा तथा बेहतर पुनर्वास की मांग रखी थी।

ग्राम प्रतिनिधियों के एक समूह ने अधिकारियों से मुलाकात कर भी समस्याओं के निराकरण का आग्रह किया था।

ग्रामीणों के मुताबिक कई प्रयासों के बावजूद अब तक उनकी अपेक्षाओं के अनुरूप समाधान नहीं हो सका है।

मुआवजा स्वीकार नहीं करने का फैसला
महासभा में ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि जब तक उचित मुआवजा, रोजगार और पुनर्वास से जुड़े अधिकारों का समुचित निराकरण नहीं होता, तब तक मुआवजा राशि स्वीकार नहीं की जाएगी और जमीन एसईसीएल को नहीं दी जाएगी।

ग्रामीणों ने कहा कि भूमि उनके जीवन-यापन और भविष्य से जुड़ी है, इसलिए अर्जन प्रक्रिया में उनकी समस्याओं और अधिकारों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने प्रशासन एवं एसईसीएल प्रबंधन से आपसी सहमति और नियमानुसार प्रक्रिया के तहत सभी लंबित मुद्दों का समाधान करने की मांग की।

जोर-जबरदस्ती पर आंदोलन की चेतावनी
महासभा में ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में उनकी सहमति के बिना किसी प्रकार की जोर-जबरदस्ती की जाती है, तो सराईसिंगार चौक में अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करने पर निर्णय लिया जा सकता है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से आग्रह किया कि भूमि अर्जन से पहले नौकरी, मुआवजा और पुनर्वास से जुड़े सभी बिंदुओं पर स्पष्ट एवं संतोषजनक समाधान निकाला जाए, ताकि प्रभावित परिवारों के हितों की रक्षा हो सके और आगे किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो।