छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद की अहम बैठक: शिक्षा, कला, और औद्योगिक विकास के लिए बड़े फैसले

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय, महानदी भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में शिक्षा, कला, और औद्योगिक विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। सुबह 11:30 बजे शुरू हुई इस बैठक में राज्य के विकास को गति देने और नागरिकों के कल्याण के लिए कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान की शुरुआत
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत शासकीय विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान शुरू करने का निर्णय लिया गया। इस अभियान के तहत स्कूलों का सामाजिक अंकेक्षण, ग्रेडिंग, कमजोर स्कूलों की मॉनिटरिंग, मॉडल स्कूलों में शिक्षकों का भ्रमण, पालक-शिक्षक बैठकों का आयोजन और कक्षा शिक्षण में सुधार पर जोर दिया जाएगा। स्कूल शिक्षा विभाग जल्द ही विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करेगा।

कलाकारों और साहित्यकारों को आर्थिक राहत
मंत्रिपरिषद ने आर्थिक रूप से कमजोर कलाकारों और साहित्यकारों की मासिक वित्तीय सहायता (पेंशन) को 2000 रुपये से बढ़ाकर 5000 रुपये करने का फैसला किया। संस्कृति विभाग की वित्तीय सहायता योजना नियम-1986 में संशोधन को मंजूरी दी गई। वर्तमान में 162 कलाकारों को यह पेंशन मिल रही है, और इस वृद्धि से राज्य पर 58.32 लाख रुपये का अतिरिक्त वार्षिक व्यय आएगा। इससे कलाकारों को आर्थिक संबल मिलेगा।

औद्योगिक भूमि आबंटन में पारदर्शिता
छत्तीसगढ़ औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम, 2015 में संशोधन को मंजूरी दी गई, जिससे भूमि आबंटन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और निवेशक-अनुकूल होगी। यह कदम औद्योगिक विकास को गति देगा और निवेशकों को सुविधा प्रदान करेगा।

औद्योगिक नीति 2024-30 में संशोधन
राज्य की औद्योगिक नीति 2024-30 में संशोधनों को मंजूरी दी गई, जो रोजगार सृजन, आधुनिक खेती, और पर्यटन को बढ़ावा देगी। प्रमुख बिंदु:

रोजगार सृजन: छत्तीसगढ़ के निवासियों को नौकरी देने वाली कंपनियों को अनुदान।

हाइटेक खेती: हाइड्रोपोनिक्स और ऐयरोपोनिक्स जैसी आधुनिक खेती को प्रोत्साहन।

खेल और शिक्षा: खेल अकादमियों और गुणवत्तापूर्ण विश्वविद्यालयों की स्थापना।

पर्यटन: बस्तर और सरगुजा में होटल-रिसॉर्ट के लिए निवेश सीमा में कमी।

कपड़ा उद्योग: टेक्सटाइल सेक्टर में 200% तक प्रोत्साहन।

लॉजिस्टिक्स: माल ढुलाई और व्यापार के लिए नई लॉजिस्टिक नीति।

दिव्यांग कल्याण: दिव्यांगजनों के लिए योजनाओं का विस्तार।

विशेष पैकेज: रक्षा, एयरोस्पेस, और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर के लिए प्रोत्साहन।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ये निर्णय छत्तीसगढ़ को शिक्षा, कला, और उद्योग के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। प्रशासन को इन योजनाओं के त्वरित कार्यान्वयन के निर्देश दिए गए हैं।