रिहायशी क्षेत्र में अपशिष्ट की दुर्गंध से मुश्किल में जिंदगी

आखिर कौन हल करेगा इस समस्या को

कोरबा। जिंदा रहने के लिए जरूरी है कि सांस ली जाए लेकिन औद्योगिक नगर कोरबा का एक इलाका ऐसा भी है जहां लोगों को रहने और आना-जाना करने के दौरान अपनी नाक और मुंह को बंद करना पड़ रहा है। मुर्गी मुर्गियां से लेकर बकरों के कटे-फटे हिस्से और पंख देखने के कारण यहां पर समस्या बनी हुई है। लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायत के बाद भी ना तो नगर निगम ध्यान दे रहा है और ना प्रशासन।


नगर पालिक निगम कोरबा के अंतर्गत वार्ड क्रमांक 28 नेहरू नगर में आता है यह हिस्सा। एसईसीएल कार्यालय से ट्रांसपोर्ट नगर चौक और अंबेडकर भवन से कैरियर पब्लिक स्कूल की तरफ जाने वाले रास्ते पर जो तस्वीर बनी हुई है उसकी वजह से लोग  परेशान है। कहानी कुत्ते गंदगी पर नजर बनाए हुए हैं तो कहीं पक्षी अपशिष्ट को इधर-उधर करने में लगे हैं।

नीरजा राव ने बताया कि गंदगी का स्तर बहुत ज्यादा है और ऐसा लगता है कि कहीं इस इलाके में मरे हुए जानवर फेंक दिए गए हैं। नाक और मुंह ढके बिना काम नहीं चल सकता।

करियर पब्लिक स्कूल के पास रहने वाली अर्चना मिश्रा ने बताया कि उनका परिवार बेमन से यहां रह रहा है। हर समय दुर्गंध से सामना करना पड़ता है।

शैलेंद्र यादव की शिकायत भी कुछ ऐसी ही है उन्होंने बताया कि काफी समय से समस्या कायम है। इस तरफ किसी का भी ध्यान नहीं है। इस इलाके में रहने वाले और भी लोगों से बातचीत हुई तो उन्होंने इस परेशानी को लेकर दुखड़ा सुनाया।