परीक्षा परिणाम से आहत 14 वर्षीय छात्रा ने की आत्महत्या, मानसिक दबाव पर उठे सवाल

कोरबा। बालको नगर क्षेत्र में एक हृदयविदारक घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। कक्षा नवमी की 14 वर्षीय छात्रा जानवी राजपूत ने वार्षिक परीक्षा में अपेक्षित अंक न आने के कारण अपने घर में आत्महत्या कर ली। जानवी स्थानीय स्कूल में पढ़ती थी और स्काउट गाइड की सक्रिय सदस्य भी थी।

जानकारी के अनुसार, हाल ही में घोषित वार्षिक परीक्षा के परिणाम में जानवी को कम अंक प्राप्त हुए, जिससे वह गहरे सदमे में थी। परिणाम से आहत होकर उसने यह आत्मघाती कदम उठाया। जानवी के पिता शिव राजपूत, जो भारत एल्युमिनियम कंपनी की एक कॉन्ट्रैक्ट एजेंसी में कार्यरत हैं, ने बताया कि उनकी बेटी पढ़ाई में होनहार थी और उसे अच्छे अंक आने की उम्मीद थी। परिजनों ने उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और प्रारंभिक तौर पर इसे आत्महत्या माना जा रहा है। यह घटना समाज और शैक्षणिक संस्थानों के लिए एक गंभीर चेतावनी है कि पढ़ाई और परीक्षा परिणामों का अत्यधिक मानसिक दबाव बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव डाल सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों को प्रोत्साहन और सहानुभूति के साथ मार्गदर्शन देने की आवश्यकता है ताकि ऐसी दुखद घटनाओं को रोका जा सके।