कोरबा में भू-विस्थापितों की हड़ताल, कुसमुंडा प्रोजेक्ट में कोयला उत्खनन और परिवहन ठप

कोरबा। दक्षिण पूर्वी कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) के कुसमुंडा, गेवरा, दीपका और कोरबा क्षेत्र के प्रभावित गांवों के भू-विस्थापितों ने छत्तीसगढ़ किसान सभा और भू-विस्थापित रोजगार एकता संघ के नेतृत्व में अपनी मांगों को लेकर कोल इंडिया के मेगा प्रोजेक्ट कुसमुंडा में हड़ताल शुरू कर दी है। इस हड़ताल के कारण सुबह 6 बजे से कोयला उत्खनन और परिवहन पूरी तरह ठप हो गया है, जिससे कामकाज बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

भू-विस्थापितों ने लंबित रोजगार प्रकरणों का तत्काल निराकरण, खमहरिया की जमीन किसानों को वापस करने, आउटसोर्सिंग कार्यों में प्रभावित भू-विस्थापितों को रोजगार देने, नए-पुराने नाम पर मुआवजा कटौती बंद करने, सभी विस्थापित परिवारों को बसावट देने और बसावट गांवों में मूलभूत सुविधाएं प्रदान करने की मांग की है।

आज सुबह भू-विस्थापित कुसमुंडा प्रोजेक्ट स्थल पर एकत्र हुए और प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए आंदोलन शुरू किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक उनका आंदोलन अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा। इस हड़ताल से क्षेत्र में तनाव का माहौल है, और प्रबंधन पर मांगों को लेकर त्वरित कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है।