ठेकेदार हुआ मालामाल, जान के लाले पड़े पूर्व सरपंच को

लाखों का भुगतान नहीं मिलने से परेशानी

कोरबा-पाली। पाली ब्लाक की रामाकछार के पूर्व सरपंच के सामने अब प्राणों का संकट आ खड़ा हो गया है। उसने निर्मल भारत योजना में जिस ठेकेदार को मालामाल कर दिया अब उसी की वजह से उसका निकलना मुश्किल हो गया है। बाजार से लाखों का सामान दिलवाने वाले पूर्व सरपंच की समस्या इसलिए बढ़ गई है कि भुगतान के लिए लोग उसे पकड़ रहे हैं। जबकि सबकुछ किया धरा ठेकेदार का है और वह भुगतान नहीं कर रहा है।


खबर के अनुसार 2017-18 में अधिकतम शौचालय बनने से यह पंचायत खुले में शौच मुक्त घोषित की जा चुकी है। पूर्व जनपद सीईओ द्वारा कटघोरा के एक ठेकेदार को दे दी गई और जिसके मटेरियल सामाग्री खरीदी का जिम्मा पूर्व सरपंच भय सिंह आर्मों को दिया गया था। पूर्व सरपंच ने निर्माण में लगने वाले ईंट, सीमेंट, गिट्टी उधार में लेकर ठेकेदार को दी, जहां ठेकेदार ने 207 ग्रामीण शौचालय का निर्माण पूर्ण कराया।

जिसकी भुगतान राशि 12 लाख 24 हजार को मनरेगा अधिकारी ने सरपंच को भुगतान न कर ठेकेदार को लाभ पहुँचाने की नीयत से उसके खाते में पूरी राशि जारी कर दी गई। जब पूर्व सरपंच ने उधार में खरीदे मटेरियल सामाग्री राशि 5 लाख का ठेकेदार से मांग किया तब उसने उक्त राशि देने में आनाकानी की और तब से लेकर आजतक पूर्व सरपंच मटेरियल सामाग्री का राशि पाने ठेकेदार और जनपद कार्यालय का चक्कर काटते आ रहा है।

पूर्व सरपंच भय सिंह आर्मो ने बताया कि पूर्व पदस्थ रहे सीईओ द्वारा रामाकछार में शौचालय निर्माण का ठेका कटघोरा में संचालित नरेंद्र ज्वेलर्स के संचालक को दिया था।

जिस निर्माण के मटेरियल सामाग्री का जिम्मा उसे सौंपा गया था। उन्होंने करीब 5 लाख के मटेरियल सामाग्री उधार में लेकर ठेकेदार को शौचालय निर्माण के लिए दी। जिसके भुगतान राशि ठेकेदार के खाते में किया गया।

अब ठेकेदार कई बहाने बना रहा है ताकि पूरी रकम न देना पड़े। इस हरकत से आदिवासी पूर्व सरपंच परेशान है। उसने कहा है कि अगर भुगतान नहीं होता है तो वह जान दे देगा।