कुल 30 करोड़ का निवेश है इस प्रोजेक्ट पर
कोरबा। कोरबा में मालगाडिय़ों से कोयला परिवहन करने के साथ राष्ट्र की ऊर्जा जरूरतों की पूर्ति की जा रही है। एसईसीएल की कुसमुंंडा व गेवरा खदानों से उत्पादित कोयला की आपूर्ति करने के लिए दिन में कई चक्कर मालगाडिय़ां लगा रही है।
संजय नगर रेलवे क्रासिंग पर होने वाली समस्या को देखते हुए कास्ट शेयरिंग बेसिस पर रेलवे और जिला प्रशासन 30 करोड़ की लागत से रेल अंडर पास बनवा रहा है। प्रशासन ने इसमें 15.48 करोड़ 44 हजार 500 रुपए का सहयोग दिया है। उधर पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर के इस मामले में दुरूपयोग संबंधी आरोप को प्रशासन ने सिरे से खारिज कर दिया और कहा कि सबकुछ नियमानुसार हो रहा है।
कोरबा में प्रथम रेल अंडर ब्रिज का निर्माण अरसे बाद स्वीकृत हुआ है। भाजपा सरकार आने के बाद इस पर योजना बनी और इसे तकनीकी व प्रशासकीय स्वीकृति मिली। ज्वाइंट वेंचर से यह काम होना है। अनुमान है कि 30 करोड़ रुपए इस पर खर्च होना है। उक्तानुसार जिला प्रशासन और रेलवे 50-50 प्रतिशत राशि वहन करेगा। वर्तमान में भूमि अधिग्रहण से लेकर अन्य कार्य प्रगति पर है।
परियोजना समन्वयक जिला खनिज संस्थान न्यास कोरबा ने बताया की सुनालिया पुल तथा रेल्वे फाटक के पास मार्ग में हेवी ट्रेफिक की समस्या को हल करने रेल अंडर पास बनाया जाना है। नियमानुसार ही शासी परिषद की बैठक 2 फरवरी 2024 में अनुमोदन उपरांत सेक्टर भौतिक अधोसंरचना अंतर्गत चांपा – गेवरा रेल लाईन के लेवल क्रासिंग सीजी 28 में सुनालिया ज्वेलर्स के पास आरयूबी का निर्माण कार्य हेतु राशि रूपये 30,96,89,000/- स्वीकृत किया गया है।
उक्त राशि में से 15,48,44,500/- जिला खनिज संस्थान न्यास कोरबा तथा राशि 15,48,44,500/- रेल्वे विभाग के द्वारा वहन किया जायेगा। उक्त कार्य हेतु वर्तमान में लोक निर्माण विभाग (सेतु निर्माण) द्वारा निविदा प्रक्रियाधीन है।
नियमानुसार ही शासी परिषद की बैठक 18 जुलाई 2024 में अनुमोदन उपरांत सेक्टर-भौतिक अधोसंरचना अंतर्गत चांपा गेवरा रेल लाइन के लेवल क्रासिंग सीजी 28 में सोनालिया ज्वेलर्स के पास आर. यू. बी. के निर्माण में प्रभावित परिसम्पत्तियों / संरचनाओं का मूल्यांकन राशि हस्तांतरित करने बाबत राशि रूपये 3,33,73,737/- की स्वीकृति डीएमएफ से की गई है। भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनव्र्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम, 2013 की धारा 27, 28, 29 एवं 30 के आधार पर ही प्रतिकर का भुगतान किया गया।
तदानुसार जिला खनिज संस्थान न्यास तथा शासन के नियम एवं निर्देशों के अनुरूप ही उपयुक्त कार्यो के लिये स्वीकृति प्रदान की गई है।
पूर्व मंत्री कंवर ने की थी शिकायत
पूर्व मंत्री ननकी राम कंवर द्वारा रोड अंडर ब्रिज के निर्माण पर डीएमएफ मद की राशि का दुरूपयोग करने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं कोयला एवं खनिज मंत्री जी. किशन रेड्डी व अंतर सिंह आर्य केंद्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग को शिकायत की गई थी। कहा गया था कि डीएमएफ से बड़ी राशि आबंटित की गई है।
इसी तरह एसईसीएल की कोरबा जिले में दीपका, कुसमुण्डा, गेवरा, सरायपाली, मानिकपुर, खदान से कोयले की लाखों टन की अवैध चोरी व प्रत्येक टन कोयला ट्रांसपोर्टिंग के पीछे कमीशनखोरी कोरबा जिला में जोरों से चल रही है।
इसकी जांच के संबंध में प्रधानमंत्री कार्यालय, कोयला मंत्री कार्यालय सहित केंद्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के द्वारा अलग-अलग जांच हेतु नोटिस जारी किया गया है।
एसईसीएल के सभी कोयला खदान के जीएम व प्र्रशासन से कहा गया है कि वे एक सप्ताह के अंदर जवाब दें।
Editor – Niraj Jaiswal
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