मार्च में लगेंगे चन्द्र व सूर्यग्रहण, भारत में नहीं होंगे दर्शन
कोरबा। आने वाले दिनों में मांगलिक कार्यों के लिए भी शुभ मुहूर्त की भरमार है। इन शुभ मुहूतों पर कई मांगलिक कार्य जैसे मुंडन, सगाई, नामकरण, गृह प्रवेश और विवाह किए जाते हैं। इस बीच होलाष्टक के बाद एक माह के लिए मांगलिक कार्यां पर ब्रेक लगा जाएगा।
मार्च माह में दो ग्रहण लगेंगे। 14 को चंद्र व 29 को आंशिक सूर्यग्रहण रहेगा। इस वर्ष की पहले तिमाही में अगले माह 15 दिनों के अंदर दो ग्रहण पड़ेंगे। एक चंद्रग्रहण होगा तो दूसरा सूर्य ग्रहण होगा। दोनों ही ग्रहण भारत में दृश्य नहीं होंगे इसलिए मान्य नहीं है। इस वर्ष चार ग्रहण लगेंगे।
इनमें दो सूर्य और दो चंद्रग्रहण होंगे। ग्रहण लगने की शुरुआत मार्च से होगी। 14 मार्च को पूर्ण चंद्र ग्रहण लगेगा, जो भारत में नजर नहीं आएगा। इस साल का दूसरा ग्रहण 29 मार्च को लगेगा। यह आंशिक सूर्य ग्रहण होगा यह भी भारत में नहीं दिखेगा। तीसरा पूर्ण चंद्रग्रहण 7-8 सितंबर को होगा। यह ग्रहण भारत में दिखाई देगा। इसके साथ ही सितंबर में ही साल का आखिरी ग्रहण 21-22 सितंबर को होगा।
यह आंशिक सूर्य ग्रहण होगा, लेकिन यह ग्रहण भी भारत में नहीं दिखाई देगा। इस साल चार महीने जुलाई, अगस्त, सितंबर और अक्टूबर में विवाह नहीं होंगे। क्योंकि 6 जुलाई से 31 अक्टूबर तक श्रीहरि योग निद्रा में चले जाएंगे, जिसके कारण सभी मांगलिक कार्यों पर रोक जाएगी।
पंचांग के अनुसार फरवरी में सर्वाधिक 15 दिन विवाह के शुभ मुहूर्त थे। इसमें 7 तिमाही 15 फरवरी तक समाप्त हो गए। इसके बाद बचे हुए 15 दिनों में 8 मुहूर्त है। मार्च में होलाष्टक लग जाएगा, इन सात दिनों में मांगलिक कार्यों में रोक लगेगी। इसके बाद खरमास शुरू हो जाएगा।
इसके कारण मार्च से लेकर 13 अप्रैल तक मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाएगा। अप्रैल, मई और नौ जून तक खूब शहनाई बजेंगी। इसके बाद चार माह के लिए भगवान विष्णु विश्राम के लिए चले जाएंगे। फिर 18 नवंबर को देवउठनी एकादशी के साथ शहनाई की गूंज शुरू हो जाएगी।
Editor – Niraj Jaiswal
Mobile – 9754876042
Email – urjadhaninewskorba@gmail.com
Address – Press Complex, T.P. Nagar, Korba C.G. 495677















