गोपाल नारायण के समर्थन से प्रीतम नाथ को मिली एंट्री

इंटक में खींचतान जारी, वेलफेयर बोर्ड कमेटी से संपत बाहर

कोरबा। एसईसीएल इंटक में खींचतान जारी है। आपसी वर्चस्व की लड़ाई में इंटक संपत लाल शुक्ल वर्सेस गोपाल नारायण सिंह हो गया है। दोनों एक-दूसरे के समर्थक को हटाने की कवायद में जुटे हुए हैं।

ताजा घटनाक्रम में गोपाल नारायण सिंह केंद्रीय अध्यक्ष की अनुशंसा पर एसईसीएल ने संपत लाल को वेलफेयर बोर्ड से बाहर कर दिया है। सोमवार को एसईसीएल मुख्यालय के उप महाप्रबंधक ने इस आशय की अधिसूचना जारी की है।


एसईसीएल कंपनी स्तरीय वेलफेयर बोर्ड समिति के सदस्य के तौर पर प्रीतम नाथ पाठक का मनोनयन किया गया है। वे साऊथ ईस्टर्न कोयला मजदूर कांग्रेस का प्रतिनिधित्व करेंगे। सोमवार को एसईसीएल मुख्यालय के उप महाप्रबंधक ने इस आशय की अधिसूचना जारी की है।

साऊथ ईस्टर्न कोयला मजदूर कांग्रेस (इंटक) के केन्द्रीय अध्यक्ष गोपाल नारायण सिंह ने कंपनी स्तरीय वेलफेयर बोर्ड समिति के सदस्य के लिए प्रीतम नाथ पाठक का नाम प्रस्तावित किया था। इसके पहले संपत शुक्ला कंपनी स्तरीय वेलफेयर बोर्ड समिति में साऊथ ईस्टर्न कोयला मजदूर कांग्रेस (इंटक) का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। जिले के एसईसीएल कुसमुंडा क्षेत्र के एसईकेएमसी (इंटक) यूनियन में एक के बाद एक बड़ा उथल पुथल देखने को मिल रहा है।

एक ओर जहां यूनियन के पांच पदाधिकारियों को कुछ दिन पूर्व इंटक के क्षेत्रीय अध्यक्ष रमेश चंद्र मिश्रा और महासचिव अब्दुल कलाम अंसारी द्वारा निष्कासित कर दिया गया था। इसके बाद संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष गोपाल नारायण ने इस निष्कासन को अवैधानिक ठहराते हुए पांचों पदाधिकारी को पुन: संगठन में यथावत बने रहने का पत्र जारी कर दिया गया।

वहीं क्षेत्रीय अध्यक्ष और महासचिव ने केंद्रीय अध्यक्ष को संघ के विधान का हवाला देते हुए उनके आदेश को ही शून्य करते हुए पदाधिकारियों के निष्कासन को सही बताया था। इस बड़ी उथल-पुथल के बीच अब इंटक एसईकेएमसी के केंद्रीय अध्यक्ष गोपाल नारायण ने कुसमुंडा क्षेत्र के अध्यक्ष रमेश चंद मिश्रा और महासचिव अब्दुल कलाम अंसारी को ही संगठन से निष्कासित कर दिया हैं।

केंद्रीय अध्यक्ष ने दोनों क्षेत्रीय पदाधिकारियों पर गंभीर अनुशासनहीनता का आरोप लगाते हुए यह निष्कासन पत्र 11 अक्टूबर को जारी किया है। इसके ठीक 1 दिन पहले 10 अक्टूबर को संपत लाल शुक्ल केंद्रीय अध्यक्ष ने गोपाल नारायण सिंह को संगठन से निष्कासित करने का आदेश और आम सूचना जारी कर संबंधितों को सूचनार्थ पत्र प्रेषित किया है।