कोरबा पावर प्लांट के तीसरे चरण के विस्तार की तैयारी शुरू, 3,520 मेगावाट तक पहुंचेगी क्षमता

कोरबा। कोरबा-चांपा राष्ट्रीय राजमार्ग पर ग्राम पताड़ी स्थित कोरबा पावर लिमिटेड के विद्युत संयंत्र में विस्तार की तैयारियां तेज हो गई हैं। अडाणी पावर लिमिटेड ने दूसरे चरण की अधूरी परियोजना को पूरा करने के साथ ही तीसरे चरण के विस्तार की दिशा में भी कदम बढ़ाए हैं। दूसरे चरण में 660-660 मेगावाट क्षमता की दो इकाइयां स्थापित की जा रही हैं, जबकि तीसरे चरण में 800-800 मेगावाट क्षमता की दो नई इकाइयां लगाने की योजना है। प्रस्तावित विस्तार पूरा होने पर संयंत्र की कुल स्थापित क्षमता 600 मेगावाट से बढ़कर 3,520 मेगावाट तक पहुंच सकती है।

दिसंबर 2026 में यूनिट-3 की कमिशनिंग संभावित
ग्राम पताड़ी स्थित इस विद्युत संयंत्र की दूसरे चरण की विस्तार परियोजना को पूरा करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस चरण में 660 मेगावाट क्षमता वाली यूनिट-3 और यूनिट-4 का निर्माण किया जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यूनिट-3 की कमिशनिंग दिसंबर 2026 में संभावित है। इसके बाद आवश्यक तकनीकी परीक्षण और अन्य प्रक्रियाएं पूरी कर इकाई को वाणिज्यिक उत्पादन में लाने की तैयारी की जाएगी।

यूनिट-3 के बाद यूनिट-4 को भी चालू करने की योजना है।

हालांकि, दोनों इकाइयों के व्यावसायिक उत्पादन की शुरुआत निर्धारित समय पर होना तकनीकी परीक्षणों और अन्य जरूरी प्रक्रियाओं पर निर्भर करेगा।

अधिग्रहण के समय रुका हुआ था काम
पताड़ी स्थित यह विद्युत संयंत्र पहले लैंको अमरकंटक पावर लिमिटेड के नाम से जाना जाता था। अडाणी पावर लिमिटेड द्वारा अधिग्रहण के बाद इसका नाम कोरबा पावर लिमिटेड हो गया। अधिग्रहण के समय दूसरे चरण की विस्तार परियोजना के तहत 660-660 मेगावाट क्षमता वाली यूनिट-3 और यूनिट-4 का काम रुका हुआ था।

प्रबंधन ने इन दोनों इकाइयों का निर्माण पूरा करने की दिशा में काम तेज किया है। फिलहाल यूनिट-3 को उत्पादन के लिए तैयार करना प्राथमिकता है। इसके बाद दूसरी इकाई को चालू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

600 से बढ़कर 1,920 मेगावाट होगी क्षमता
वर्तमान में संयंत्र में 300-300 मेगावाट क्षमता वाली दो इकाइयां संचालित हैं। इनकी कुल स्थापित क्षमता 600 मेगावाट है। दूसरे चरण की दोनों 660 मेगावाट की इकाइयां चालू होने पर संयंत्र की क्षमता में 1,320 मेगावाट की वृद्धि होगी। इससे कुल स्थापित क्षमता बढ़कर 1,920 मेगावाट हो जाएगी।

यह विस्तार संयंत्र की बिजली उत्पादन क्षमता में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी करेगा। हालांकि, इकाइयों की कमिशनिंग और वाणिज्यिक उत्पादन शुरू होने की प्रक्रिया तकनीकी तैयारियों पर निर्भर करेगी।

तीसरे चरण में 800-800 मेगावाट की दो इकाइयां प्रस्तावित
दूसरे चरण की परियोजना के साथ ही अडाणी पावर लिमिटेड ने संयंत्र परिसर में तीसरे चरण के विस्तार की तैयारी भी शुरू कर दी है। इस चरण में 800-800 मेगावाट क्षमता वाली दो नई इकाइयां स्थापित करने की योजना है। इन इकाइयों में अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल तकनीक का इस्तेमाल प्रस्तावित है।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कंपनी ने तीसरे चरण की प्रस्तावित इकाइयों के लिए मुख्य संयंत्र उपकरणों का ऑर्डर भी दे दिया है। इसे परियोजना की तैयारियों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि, तीसरे चरण के निर्माण कार्य और वाणिज्यिक उत्पादन शुरू होने की समय-सीमा अभी स्पष्ट नहीं है।

विस्तार से कोरबा की बिजली उत्पादन क्षमता को मिलेगा बढ़ावा
कोरबा छत्तीसगढ़ के प्रमुख बिजली उत्पादन केंद्रों में शामिल है। कोरबा पावर लिमिटेड के दूसरे चरण की परियोजना पूरी होने पर संयंत्र की स्थापित क्षमता 1,920 मेगावाट हो जाएगी। वहीं, तीसरे चरण की प्रस्तावित दोनों इकाइयां भी स्थापित होकर चालू होती हैं, तो क्षमता में 1,600 मेगावाट की अतिरिक्त वृद्धि होगी।

इस तरह सभी प्रस्तावित इकाइयों के चालू होने पर संयंत्र की कुल स्थापित क्षमता 3,520 मेगावाट तक पहुंच सकती है।

इससे कोरबा के ऊर्जा क्षेत्र में संयंत्र की भूमिका और महत्वपूर्ण होने की संभावना है।