टीबी-मुक्त भारत अभियान को मिलेगी नई गति, कोरबा में ‘जोश’ टीम का शुभारंभ

टीबी के लक्षण, जांच और उपचार के प्रति लोगों को करेगी जागरूक; टीबी-मुक्त पंचायतों और निक्षय मित्रों का हुआ सम्मान

कोरबा। जिले में टीबी-मुक्त भारत अभियान को गति देने और जन-जन तक जागरूकता का संदेश पहुंचाने के उद्देश्य से ‘जोश’ टीम का शुभारंभ किया गया। टीम के सदस्य युवाओं और समुदाय की भागीदारी से लोगों को टीबी के लक्षणों, समय पर जांच और उपचार की जानकारी देंगे। साथ ही संभावित मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने में भी सहयोग करेंगे। कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने टीबी-मुक्त भारत के निर्माण के लिए सामूहिक प्रयास करने का संकल्प लिया।

जनजागरूकता से टीबी उन्मूलन पर जोर
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत ने कहा कि टीबी-मुक्त भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए जनजागरूकता बेहद जरूरी है। ‘जोश’ टीम के माध्यम से जनप्रतिनिधि और समुदाय के लोग मिलकर नागरिकों तक टीबी से बचाव, समय पर जांच और उपचार का संदेश पहुंचाएंगे। उन्होंने अभियान में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

टीम के सदस्य समुदाय के बीच जाकर टीबी से संबंधित जानकारी साझा करेंगे, ताकि लोग लक्षण दिखाई देने पर जांच कराने के लिए आगे आएं और समय पर उपचार प्राप्त कर सकें।

टीबी-मुक्त पंचायतों को मिला सम्मान
कार्यक्रम में निर्धारित अवधि तक टीबी-मुक्त रहने वाली पंचायतों को सम्मानित किया गया। इसके तहत एक वर्ष तक टीबी-मुक्त रहने वाली पंचायतों को सिल्वर, दो वर्ष तक टीबी-मुक्त रहने वाली पंचायतों को ब्रॉन्ज तथा तीन वर्ष तक टीबी-मुक्त रहने वाली पंचायतों को गोल्ड मोमेंटो एवं प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।

पंचायतों को सम्मानित करने का उद्देश्य टीबी उन्मूलन के लिए किए जा रहे प्रयासों को प्रोत्साहित करना और अन्य क्षेत्रों को भी इस दिशा में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना रहा।

निक्षय मित्रों को प्रदान किया प्रमाणपत्र
टीबी मरीजों की सहायता और अभियान में सहयोग के लिए रोटरी क्लब, एनटीपीसी, बालको तथा खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. दीपक राज को निक्षय मित्र का प्रमाणपत्र प्रदान किया गया। निक्षय मित्रों की भूमिका टीबी मरीजों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने और उन्हें उपचार के दौरान प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण मानी जाती है।

एचआईवी-एड्स अधिनियम की दी जानकारी
कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ एड्स नियंत्रण समिति की सहायक संचालक श्रीमती रमा पटेल ने उपस्थित लोगों को एचआईवी/एड्स अधिनियम, 2017 के प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने इस विषय में जागरूकता और कानूनी प्रावधानों की समझ के महत्व पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम में सभापति नूतन सिंह ठाकुर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस.एन. केशरी सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे। आयोजन के माध्यम से टीबी उन्मूलन के लिए जनभागीदारी बढ़ाने तथा लोगों को जांच और उपचार के प्रति जागरूक करने का संदेश दिया गया।