साइबर ठगी की रकम वापस दिलाने पुलिस और बैंक प्रबंधन की बैठक

संदिग्ध खातों पर होल्ड और लंबित शिकायतों के त्वरित निराकरण पर जोर,ग्राहकों को जागरूक करने के निर्देश

कोरबा। साइबर ठगी के मामलों में पीड़ितों की रकम वापस दिलाने और शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए कोरबा पुलिस एवं जिले के बैंक अधिकारियों के बीच समन्वय बैठक आयोजित की गई। पुलिस अधीक्षक कार्यालय में हुई इस बैठक में साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण, संदिग्ध बैंक खातों पर होल्ड लगाने और लंबित अनुरोधों का जल्द निराकरण करने सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई।

पीड़ितों को राहत दिलाने पर विशेष जोर

पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन में आयोजित बैठक में साइबर नोडल अधिकारी एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नितीश कुमार ठाकुर तथा डीएसपी रजत कुमार नाग उपस्थित रहे। बैठक में साइबर ठगी से संबंधित शिकायतों पर कार्रवाई, पीड़ितों की धनराशि वापस कराने की प्रक्रिया और संदिग्ध बैंक खातों पर समय रहते होल्ड लगाने के विषय पर विस्तार से चर्चा हुई।

इसके अलावा एआरएम-जीआरएम पोर्टल पर लंबित अनुरोधों के त्वरित निराकरण को लेकर भी बैंक अधिकारियों से समन्वय बनाने पर जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि साइबर अपराध से जुड़ी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए निर्धारित समय-सीमा में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।

बैंक शाखाओं में ग्राहकों को किया जाएगा जागरूक

बैठक में साइबर ठगी से बचाव के लिए आम नागरिकों को जागरूक करने पर भी विशेष जोर दिया गया। बैंक अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे अपनी शाखाओं में आने वाले ग्राहकों को साइबर अपराध के नए तरीकों और उनसे बचने के उपायों की जानकारी दें।

इस दौरान अनजान लिंक पर क्लिक करने, किसी के साथ ओटीपी साझा करने, अनधिकृत एपीके फाइल डाउनलोड करने, फर्जी ऑनलाइन लोन के झांसे और डिजिटल अरेस्ट के नाम पर होने वाली ठगी से बचने के प्रति लोगों को सतर्क करने के निर्देश दिए गए।

पुलिस और बैंकों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर

बैठक में स्पष्ट किया गया कि साइबर ठगी के मामलों में समय पर सूचना और त्वरित कार्रवाई से पीड़ितों को राहत दिलाने की संभावनाएं बढ़ सकती हैं। इसके लिए पुलिस और बैंक प्रबंधन के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखना जरूरी है।

कोरबा पुलिस ने साइबर अपराधों पर नियंत्रण और नागरिकों को आर्थिक नुकसान से बचाने के लिए जागरूकता के साथ-साथ शिकायतों के समयबद्ध निराकरण पर जोर दिया।