बच्चों के खेल मैदान में निर्माण, प्रशासन से रोक लगाने की मांग

कोरबा। डिंगापुर स्थित दिव्य ज्योति विशेष विद्यालय एवं छात्रावास के विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के खेल मैदान में निर्माण कार्य शुरू किए जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। विद्यालय में मूक-बधिर एवं दृष्टिबाधित बच्चे अध्ययनरत हैं। संस्था से जुड़े लोगों का कहना है कि जिस मैदान का उपयोग बच्चे खेलकूद और शारीरिक गतिविधियों के लिए करते हैं, वहीं पिछले कुछ दिनों से निर्माण कार्य चल रहा है। इससे बच्चों के लिए उपलब्ध खेल क्षेत्र प्रभावित हो रहा है।

दिव्य ज्योति विशेष विद्यालय एवं छात्रावास का संचालन इनरव्हील सोसायटी द्वारा किया जा रहा है। संस्था से जुड़े लोगों के अनुसार खेल मैदान में निर्माण कार्य शुरू होने की जानकारी रोटरी क्लब ऑफ कोरबा के माध्यम से मंत्री लखनलाल देवांगन और प्रशासन को भी दी गई है। इसके बावजूद निर्माण कार्य पर रोक नहीं लगने का आरोप लगाया गया है।

बच्चों के खेलकूद की व्यवस्था पर उठे सवाल
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए खेलकूद केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि उनकी शारीरिक सक्रियता और विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में यदि खेल मैदान का बड़ा हिस्सा निर्माण की जद में आता है तो बच्चों के लिए वैकल्पिक खेल व्यवस्था क्या होगी, यह स्पष्ट किया जाना जरूरी है।

संस्था से जुड़े लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि निर्माण कार्य की वैधानिकता और स्वीकृति की जांच की जाए तथा बच्चों के खेल मैदान के उपयोग को लेकर स्थिति स्पष्ट की जाए।

रात में निर्माण और धमकी देने के आरोप
शिकायतकर्ताओं ने निर्माण कार्य कर रहे ठेकेदार पर बच्चों और संस्था से जुड़े लोगों को कथित रूप से धमकाने का आरोप भी लगाया है। उनका दावा है कि निर्माण कार्य दिन के बजाय रात के समय किया जा रहा है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

संस्था से जुड़े लोगों ने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही यह भी सवाल उठाया है कि यदि निर्माण कार्य नियमानुसार और विधिसम्मत है, तो विशेष बच्चों के खेलकूद के लिए उपलब्ध मैदान और उनकी गतिविधियों की व्यवस्था किस तरह सुनिश्चित की जाएगी।

प्रशासन से स्पष्ट कार्रवाई की मांग
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि विशेष बच्चों के हितों को ध्यान में रखते हुए मामले में जल्द स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए। उनका आग्रह है कि निर्माण की अनुमति, स्थान और उद्देश्य की जांच के साथ बच्चों के लिए सुरक्षित एवं पर्याप्त खेल क्षेत्र सुनिश्चित किया जाए।