सड़क से पहले नाली, निर्माण पूरा होने से पहले ही टूटने लगी

सेमरहा में सड़क की जरूरत, पहले करा दिया नाली निर्माण; गुणवत्ता पर उठे सवाल, ग्रामीणों ने कार्रवाई की मांग की

कोरबा। पोड़ी-उपरोड़ा ब्लॉक की बनिया ग्राम पंचायत के आश्रित गांव सेमरहा में ग्रामीणों को सड़क की सुविधा का इंतजार है, लेकिन यहां सड़क से पहले नाली का निर्माण करा दिया गया। हैरानी की बात यह है कि नाली का निर्माण पूरा होने से पहले ही उसके कई हिस्सों में टूट-फूट शुरू हो गई है। इससे निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

ग्रामीणों के मुताबिक गांव में प्राथमिक जरूरत सड़क की थी। सड़क के साथ नाली निर्माण की मांग की गई थी, लेकिन सड़क का काम शुरू हुए बिना ही नाली का निर्माण करा दिया गया। अब नाली के कई हिस्से क्षतिग्रस्त होने लगे हैं। ऐसे में ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं कि जब सड़क ही नहीं बनी तो नाली निर्माण को प्राथमिकता देने का औचित्य क्या था।

सरपंच ने जताई थी आपत्ति

सरपंच के अनुसार सेमरहा में सड़क और नाली दोनों की मांग की गई थी। उनका कहना है कि सड़क निर्माण से पहले नाली बनाए जाने पर उन्होंने आपत्ति भी जताई थी, लेकिन अधिकारियों के दबाव के चलते नाली का निर्माण करवाना पड़ा। अब निर्माण के दौरान ही नाली के कुछ हिस्सों के टूटने की स्थिति सामने आ रही है।

बताया जा रहा है कि क्षतिग्रस्त हिस्सों को दोबारा सुधारने की बात कही जा रही है। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य की गुणवत्ता बेहतर होती तो पूरा होने से पहले ही नाली के टूटने की स्थिति क्यों आती?

बिना सड़क नाली निर्माण पर भी सवाल

ग्रामीणों ने कहा कि सड़क की समस्या जस की तस बनी हुई है, जबकि नाली निर्माण पर राशि खर्च की जा चुकी है। उनका आरोप है कि योजना और निर्माण की प्राथमिकता तय करने में जमीनी जरूरतों को नजरअंदाज किया गया। इससे सरकारी राशि के उपयोग को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

ग्रामीणों ने मामले की जांच कर निर्माण की गुणवत्ता की जांच कराने तथा जिम्मेदारों की जवाबदेही तय करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि निर्माण में अनियमितता या लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए। ग्रामीणों ने इस मामले को मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के समक्ष भी शिकायत के माध्यम से उठाने की बात कही है।