कम लागत का इनक्यूबेटर बना किसानों की जरूरत का समाधान, 22 राज्यों तक पहुंची मशीनें; राज्यपाल रमेन डेका ने किया सम्मानित
कोरबा। कभी महज 5 हजार रुपये की मजदूरी से अपना सफर शुरू करने वाले कोरबा जिले के युवा उद्यमी मनमोहन यादव ने नवाचार और मेहनत के दम पर नई पहचान बनाई है। किसानों के लिए कम लागत में इनक्यूबेटर तैयार करने के उनके नवाचार को छत्तीसगढ़ यूथ इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप कॉन्क्लेव-2026 में बड़ी सफलता मिली। उन्हें उनके स्टार्टअप के लिए 25 लाख रुपये का ग्रांट प्रदान किया गया है।
रायपुर के कृषि मंडप में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के चयनित तीन स्टार्टअप को 25-25 लाख रुपये की सहायता राशि दी गई। इनमें JH Incubators and Mushrooms OPC Private Limited, लखनपुर-कटघोरा, कोरबा के मनमोहन यादव भी शामिल रहे।
राज्यपाल ने सौंपा 25 लाख का चेक
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने मनमोहन यादव को सहायता राशि का चेक प्रदान कर सम्मानित किया। इस दौरान विधायक अजय चंद्राकर, विधायक अनुज शर्मा, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल, कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक तथा RKVY-RAFTAAR एग्री बिजनेस इनक्यूबेशन प्रोग्राम रायपुर के प्रमुख डॉ. हुलास पाठक सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।
50 अंडों की मशीन से शुरू हुआ सफर
मनमोहन यादव ने बताया कि उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्र, कोरबा और डॉ. केसी वर्मा के मार्गदर्शन में महज 50 अंडों की क्षमता वाले इनक्यूबेटर से शुरुआत की थी। शुरुआती दौर की छोटी क्षमता वाली मशीन से आगे बढ़ते हुए आज वे 120, 500 और 1000 अंडों की क्षमता वाले इनक्यूबेटर तैयार कर रहे हैं। मांग के अनुसार 15 हजार अंडों की क्षमता तक की मशीनें भी तैयार की जा रही हैं।
उनके मुताबिक, वर्ष 2021-22 में RKVY-RAFTAAR के तहत उन्हें 5 लाख रुपये का अनुदान मिला था। अब 2024-25 में 25 लाख रुपये का ग्रांट मिलने से कंपनी के विस्तार, उत्पादन क्षमता बढ़ाने और नए रोजगार के अवसर तैयार करने में मदद मिलेगी। उनकी मशीनें वर्तमान में देश के 22 राज्यों तक पहुंच रही हैं।
नवाचार ने बदली दिशा, किसानों को कम लागत का विकल्प
मनमोहन यादव का प्रयास कृषि क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाली महंगी तकनीक के बीच किसानों के लिए कम लागत का विकल्प उपलब्ध कराने पर केंद्रित है। सीमित संसाधनों से शुरुआत कर तकनीक को लगातार बेहतर बनाने का यह सफर ग्रामीण क्षेत्र में नवाचार और उद्यमिता की संभावनाओं को भी सामने लाता है।
यादव समाज ने दी बधाई
मनमोहन यादव की उपलब्धि पर यादव समाज के अध्यक्ष एवं भाजपा प्रदेश सह-संयोजक राजेश यादव ने उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि 5 हजार रुपये की मजदूरी से शुरुआत कर 25 लाख रुपये के ग्रांट तक पहुंचना मेहनत और नवाचार की मिसाल है। उनके अनुसार किसानों के लिए कम लागत की तकनीक तैयार करने का यह प्रयास ग्रामीण युवाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता की दिशा में प्रेरित कर सकता है।
उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की स्टार्टअप एवं नवाचार आधारित योजनाएं ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को अपनी तकनीकी सोच को व्यवसाय में बदलने का अवसर दे रही हैं। उन्होंने मनमोहन यादव के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उनकी सफलता को क्षेत्र के अन्य युवाओं के लिए प्रेरणादायी बताया।
Editor – Niraj Jaiswal
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