कभी टॉर्च और मोबाइल की रोशनी थी सहारा, अब चौक-चौराहों पर उजाला; रात में आवागमन और सुरक्षा को लेकर ग्रामीणों का बढ़ा भरोसा
कोरबा।शाम ढलते ही अंधेरे में डूब जाने वाला कटघोरा विकासखंड का दूरस्थ ग्राम चोरभट्टी अब रात में रोशनी से जगमगा रहा है। गांव के चौक पर स्थापित सोलर हाईमास्ट ने न केवल अंधेरी राहों को रोशन किया है, बल्कि ग्रामीणों के रात के आवागमन को भी आसान बनाया है। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के देर से घर लौटने पर परिवारों की चिंता भी पहले की तुलना में कम हुई है।
“पहले शाम होते ही घर से निकलने में रास्ते की चिंता रहती थी। हाथ में टॉर्च या मोबाइल की रोशनी लेकर चलना पड़ता था। बारिश के दिनों में सड़क किनारे की झाड़ियां और रास्ता ठीक से दिखाई नहीं देता था। अब चौक पर हाईमास्ट की रोशनी रहती है, इसलिए रात में बाजार से लौटना हो या किसी जरूरी काम से बाहर जाना, रास्ता साफ दिखाई देता है।”
ग्राम चोरभट्टी के एक ग्रामीण की यह बात उस बदलाव को बयां करती है, जो एक सोलर हाईमास्ट के गांव में पहुंचने से आया है।
अंधेरे में रहती थी रास्ते और सुरक्षा की चिंता
चोरभट्टी में पहले शाम के बाद चौक और आसपास के रास्तों पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था नहीं थी। ऐसे में रात के समय ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी होती थी। बच्चों और बुजुर्गों के देर से लौटने पर परिजन चिंतित रहते थे। वहीं अंधेरे में जंगली जानवरों और सांप-बिच्छुओं की आशंका भी बनी रहती थी।
इस समस्या को देखते हुए जिला प्रशासन ने खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) से स्वीकृत राशि के माध्यम से क्रेडा विभाग के सहयोग से ग्राम चोरभट्टी में सोलर हाईमास्ट लाइट स्थापित कराई।
सूरज की ऊर्जा से गांव में रात का उजाला
सोलर हाईमास्ट के स्थापित होने के बाद गांव का चौक और आसपास का क्षेत्र रात में पर्याप्त रोशनी से प्रकाशित रहता है। मौसम खराब होने अथवा विद्युत आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में बैटरी बैकअप से भी प्रकाश की सुविधा मिलती है।
सौर ऊर्जा से संचालित होने के कारण इस व्यवस्था के लिए अतिरिक्त बिजली खर्च का बोझ भी नहीं पड़ता। यानी दिन में सूर्य की ऊर्जा संग्रहित होती है और रात में वही ऊर्जा ग्रामीणों के लिए उजाले का सहारा बनती है।
अब देर से लौटने पर भी रास्ते की चिंता कम
ग्रामीणों के अनुसार, हाईमास्ट की रोशनी का असर केवल चौक तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे रोजमर्रा की गतिविधियां भी आसान हुई हैं। पहले शाम होते ही जरूरी काम निपटाकर जल्द घर लौटने की कोशिश रहती थी। अब बाजार से सामान लेकर लौटना, पड़ोस में जाना, किसी जरूरी काम से चौक तक पहुंचना या देर से आने वाले परिवार के सदस्य को लेने निकलना पहले से सहज हो गया है।
रोशनी के कारण सड़क और आसपास का हिस्सा स्पष्ट दिखाई देता है। इससे रात में पैदल आने-जाने वाले लोगों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ा है।
दूरस्थ गांव तक पहुंची सुविधा, ग्रामीणों ने जताया आभार
एक ग्रामीण ने कहा, “अब गांव में रात पहले जैसी नहीं लगती। चौक और रास्ते पर रोशनी रहती है तो बच्चों और बुजुर्गों के आने-जाने को लेकर भी मन में भरोसा रहता है। जंगली जानवर और सांप-बिच्छू भी दूर से नजर आ जाते हैं।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का मैं आभार व्यक्त करता हूं कि हमारे जैसे दूरस्थ गांव में रोजमर्रा की जरूरत से जुड़ी यह सुविधा पहुंची है।”
चोरभट्टी में सोलर हाईमास्ट केवल रोशनी का साधन नहीं, बल्कि ग्रामीणों के लिए सुविधा, सुरक्षा और आत्मविश्वास का नया उजाला बनकर सामने आया है। दूरस्थ गांव में पहुंची यह छोटी-सी सुविधा रात के जीवन को आसान बनाने के साथ विकास की उस तस्वीर को भी सामने लाती है, जिसमें बुनियादी सुविधाएं गांव के अंतिम छोर तक पहुंच रही हैं।
Editor – Niraj Jaiswal
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