अधूरे आवासों को पूर्ण दिखाकर तीनों किस्तों का भुगतान? औंराई में जियो टैगिंग पर उठे सवाल

कोरबा। जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत कथित फर्जी जियो टैगिंग और भुगतान का मामला एक बार फिर सामने आया है। करतला विकासखंड की ग्राम पंचायत औंराई में अधूरे प्रधानमंत्री आवासों को शासकीय रिकॉर्ड में पूर्ण दर्शाकर हितग्राहियों को योजना की तीनों किस्तों का भुगतान किए जाने का आरोप लगा है। शिकायत में दावा किया गया है कि निर्माणाधीन आवासों की वास्तविक तस्वीरों के बजाय किसी अन्य पूर्ण निर्मित मकान की तस्वीरें पोर्टल पर अपलोड कर जियो टैगिंग की गई और इसी आधार पर आवासों को पूर्ण दर्शाया गया।

जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत औंराई में चार ग्रामीणों के नाम प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास स्वीकृत किए गए हैं। आरोप है कि इन चारों आवासों का निर्माण अभी पूरा नहीं हुआ है, इसके बावजूद योजना के शासकीय रिकॉर्ड में इन्हें पूर्ण बताया गया है। साथ ही प्रथम, द्वितीय और तृतीय किस्त की राशि भी जारी किए जाने की बात सामने आई है।

दूसरे मकान की तस्वीर से जियो टैगिंग का आरोप
मामले में सबसे गंभीर सवाल जियो टैगिंग को लेकर उठ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर सामने आई जानकारी के मुताबिक आरोप है कि निर्माणाधीन आवासों की तस्वीरें पोर्टल पर अपलोड करने के बजाय किसी अन्य पूर्ण मकान की तस्वीरों का इस्तेमाल किया गया। इन तस्वीरों के आधार पर आवासों की प्रगति पूर्ण दर्ज की गई और योजना की राशि का भुगतान कर दिया गया।

यदि जांच में यह आरोप सही पाया जाता है तो यह योजना की निगरानी और जियो टैगिंग प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करता है। प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य पात्र गरीब परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराना है। ऐसे में अधूरे आवासों को रिकॉर्ड में पूर्ण दर्शाने से वास्तविक स्थिति और सरकारी रिकॉर्ड के बीच बड़ा अंतर सामने आ सकता है।

जिले में पहले भी सामने आ चुकी हैं शिकायतें
जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जियो टैगिंग और भुगतान में कथित अनियमितताओं की शिकायतें पहले भी सामने आती रही हैं। लगातार शिकायतों के चलते योजना की मॉनिटरिंग व्यवस्था और संबंधित स्तर पर सत्यापन प्रक्रिया को लेकर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में योजना के क्रियान्वयन में वास्तविक निर्माण की स्थिति और पोर्टल पर दर्ज प्रगति का मिलान महत्वपूर्ण माना जाता है।


मामले में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के करतला ब्लॉक समन्वयक दिनबंधु साहू से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने इस संबंध में कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।

वहीं, जिला पंचायत कोरबा के पीएम आवास जिला को-ऑर्डिनेटर ने बताया कि शिकायत मिलने पर मामले की जांच कराई जा रही है। जांच में दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि कुछ दिन पहले तिलकेजा पंचायत में भी प्रधानमंत्री आवास योजना से संबंधित शिकायत की जांच के बाद कार्रवाई की गई है।

अब औंराई पंचायत के इन चार आवासों की वास्तविक निर्माण स्थिति, जियो टैगिंग में इस्तेमाल की गई तस्वीरों और किस्त भुगतान की प्रक्रिया की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि रिकॉर्ड में आवासों को पूर्ण दर्शाने में किस स्तर पर चूक या अनियमितता हुई।