जनपद सदस्य संघ जिला कोरबा का गठन, नंद कुमार कंवर अध्यक्ष मनोनीत

कोरबा।पंचायत राज अधिनियम 1994 के तहत त्रि-स्तरीय पंचायत व्यवस्था में जनपद सदस्यों के हितों एवं अधिकारों की रक्षा के उद्देश्य से जनपद सदस्य संघ जिला कोरबा (छत्तीसगढ़) का गठन किया गया है। नवगठित संघ में जनपद सदस्यों को एकजुट कर उनकी समस्याओं को शासन-प्रशासन के समक्ष प्रभावी ढंग से रखने तथा पंचायत एवं क्षेत्रीय विकास से जुड़े मुद्दों के निराकरण के लिए पहल करने का निर्णय लिया गया है।

संघ की ओर से जारी जानकारी के अनुसार श्रीमती चन्द्रकांता कृष्णा राजपूत को संरक्षक तथा नंद कुमार कंवर को जिलाध्यक्ष मनोनीत किया गया है। उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी पवन पोया, कमलेश कुर्रे, फूलचंद कश्यप, सूरज नंदे एवं मोनिका भगत को दी गई है।

वहीं अफसाना कय्यूम को सचिव, श्रीमती कमला पेंद्रो एवं नेहा तंवर को सह-सचिव तथा विजय प्रभात सिंह एवं रफीक मेमन को कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

जनपद सदस्यों के हितों की रक्षा प्रमुख उद्देश्य
संघ के प्रमुख उद्देश्यों में जनपद सदस्यों के साथ होने वाली किसी भी प्रकार की अहितकारी गतिविधि के संबंध में अधिकारियों के समक्ष संघ के माध्यम से प्रस्ताव रखना शामिल है। इसके अलावा कमजोर वर्ग के जनपद सदस्यों के स्वास्थ्य एवं सामुदायिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सहयोग और आवश्यक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की बात कही गई है।

संघ द्वारा जनपद सदस्यों को पंचायती राज व्यवस्था के विधि-विधान, अधिकारों एवं दायित्वों की जानकारी देने के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने का भी निर्णय लिया गया है। क्षेत्रीय विकास से संबंधित मांगों को समय-समय पर शासन के समक्ष ज्ञापन के माध्यम से रखने की बात भी संघ ने कही है।

संघ में झुलबाई गोविंद सिंह कंवर, ममता दामोदर राठौर, माधुरी देवी तंवर, प्रकाशचंद्र जाखड़, अशोक बाई कंवर, मनोज झा, पूर्णिमा शोभा जगत, दिलहरण कश्यप, विजयोती अभिमन्यु राठिया एवं कौशिल्या विश्वनाथ कंवर को विशेष आमंत्रित सदस्य बनाया गया है।

कार्यकारिणी में किशन कोरले, बेदराम चंद्राकर, उषा दिनेश कुर्रे, संतोष मरावी, चतुर्भुज, कमल बेलदार, बसंत कंवर, निरुपमा जय पटेल, लक्ष्मीन कंवर, विभाम राठिया, सत्यनारायण पैकरा, मधुलता कुलदीप एवं अंशुल कंवर को शामिल किया गया है।

संघ पदाधिकारियों ने कहा कि जनपद सदस्यों की समस्याओं को एकजुट होकर शासन-प्रशासन के समक्ष रखा जाएगा।

पंचायतों एवं क्षेत्रीय विकास से जुड़े मुद्दों के निराकरण के लिए संघ निरंतर प्रयास करेगा तथा सदस्यों के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए आवश्यक पहल की जाएगी।