बालको का स्वास्थ्य संकल्प, सामुदायिक सेवाओं से उन्नत चिकित्सा तक विस्तार

बालकोनगर। भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) की सामुदायिक स्वास्थ्य परियोजना ‘आरोग्य’ के माध्यम से कोरबा और छत्तीसगढ़ के 70 से अधिक गांवों में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया गया है। कंपनी के अनुसार वर्षभर में 1.2 लाख से अधिक लोगों तक प्राथमिक स्वास्थ्य, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण, निवारक देखभाल और स्वास्थ्य जागरूकता से जुड़ी सेवाएं पहुंचाई गईं।

वित्तवर्ष 2026 में ‘आरोग्य’ के तहत 92 हजार से अधिक लोगों को प्राथमिक, निवारक और उपचारात्मक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। तीन ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों के माध्यम से करीब 4,800 लोगों को नियमित उपचार एवं चिकित्सकीय परामर्श मिला। दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए दो मोबाइल हेल्थ वैन संचालित की गईं, जबकि मल्टी-स्पेशलिटी स्वास्थ्य शिविरों में सामान्य चिकित्सा के साथ दंत, त्वचा, हड्डी और स्त्री रोग विशेषज्ञों की सेवाएं भी उपलब्ध कराई गईं।

बच्चों और महिलाओं के स्वास्थ्य पर विशेष जोर
बालको के अनुसार 51 आंगनवाड़ी केंद्रों में 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के 3,300 से अधिक बच्चों की स्वास्थ्य जांच की गई। इनमें 268 बच्चों को कुपोषण की विभिन्न श्रेणियों में चिन्हित कर विशेष देखभाल दी गई, जबकि गंभीर रूप से कुपोषित 18 बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र रेफर किया गया।

एनीमिया उन्मूलन के लिए आयोजित 45 शिविरों में 1,137 गर्भवती महिलाओं, माताओं और किशोरियों को पोषण तथा आयरन सेवन के प्रति जागरूक किया गया। ‘बेबी स्टेप्स टुगेदर’ पहल के तहत 80 से अधिक दंपतियों को मातृत्व देखभाल में पिता की भूमिका के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया।

टीबी-एचआईवी और नशामुक्ति को लेकर जागरूकता
नशामुक्ति अभियान के तहत विद्यालयों, युवा चौपाल, नुक्कड़ नाटक और जागरूकता शिविरों के जरिए 4,900 से अधिक युवाओं एवं समुदाय के लोगों को जागरूक किया गया। वहीं टीबी और एचआईवी जागरूकता के 110 सत्रों के माध्यम से 67 हजार से अधिक लोगों तक जानकारी पहुंचाई गई तथा 64 से अधिक स्वयंसेवकों को प्रशिक्षित किया गया।

सुरक्षित मातृत्व दिवस, विश्व मलेरिया दिवस, स्तनपान सप्ताह, पोषण माह और अंतरराष्ट्रीय योग दिवस जैसे अवसरों पर भी स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।

125 बेड के बालको अस्पताल में विशेषज्ञ सेवाएं
सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाओं के साथ बालको अस्पताल को बालको परिवार और आसपास के क्षेत्र के लिए विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं के केंद्र के रूप में विकसित किया गया है। 125 बेड वाले मल्टी-स्पेशलिटी अस्पताल में सालाना करीब 2.2 लाख मरीजों के उपचार का दावा किया गया है।

अस्पताल में जनरल मेडिसिन, सर्जरी, स्त्री एवं प्रसूति रोग, बाल रोग, हड्डी रोग, नेत्र, ईएनटी, दंत चिकित्सा और फिजियोथेरेपी जैसी सेवाएं उपलब्ध हैं। डायग्नोस्टिक सुविधाओं में सीटी स्कैन, 2डी ईको, अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे, होल्टर मॉनिटरिंग, स्पाइरोमेट्री और ट्रेडमिल टेस्टिंग शामिल हैं।

अस्पताल में जॉइंट रिप्लेसमेंट एवं आर्थ्रोप्लास्टी, डायलिसिस, फेकोइमल्सीफिकेशन मोतियाबिंद सर्जरी, लेजर प्रोक्टोलॉजी और ईवीएलए जैसी उन्नत प्रक्रियाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। 10 आईसीयू बेड और मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर से क्रिटिकल केयर एवं सर्जिकल सुविधाओं को मजबूती मिली है।

कैंसर उपचार में बीएमसी की अहम भूमिका
बालको मेडिकल सेंटर (बीएमसी), नया रायपुर के माध्यम से कैंसर उपचार को तृतीयक स्तर की विशेषज्ञ चिकित्सा से जोड़ा गया है। 170 बेड वाले कैंसर केंद्र में स्क्रीनिंग, निदान और उपचार के साथ रेडिएशन थेरेपी, ब्रैकीथेरेपी, न्यूक्लियर मेडिसिन, सर्जरी, कीमोथेरेपी, इम्यूनोथेरेपी, बोन मैरो ट्रांसप्लांट और पैलिएटिव केयर जैसी सेवाएं उपलब्ध हैं।

कंपनी के अनुसार वर्ष 2018 में स्थापना के बाद बीएमसी में करीब 76 हजार मरीजों का उपचार, लगभग 14 हजार बड़ी सर्जरी और 96 हजार से अधिक कीमोथेरेपी सत्र किए जा चुके हैं। कैंसर की शुरुआती पहचान और रोकथाम के लिए 600 से अधिक सामुदायिक स्वास्थ्य स्क्रीनिंग एवं जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए गए हैं।

वित्तवर्ष 2026 में बीएमसी की ओर से 250 से अधिक स्वास्थ्य शिविरों एवं जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिनसे 20 हजार से अधिक लोगों के लाभान्वित होने की जानकारी दी गई है। जरूरतमंद मरीजों को उपचार सहायता के साथ आवास, परिवहन, पोषण और अन्य सहयोगी सेवाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया जा रहा है।

हाल ही में आयोजित बीएमसी कैंसर कॉन्क्लेव में छत्तीसगढ़ में सर्वाइकल कैंसर एलिमिनेशन प्रोग्राम की शुरुआत की गई। इसका उद्देश्य कैंसर की रोकथाम, शुरुआती पहचान और समुदाय आधारित स्क्रीनिंग को मजबूत करना है।

128 गांवों तक पहुंच रहे सामुदायिक विकास कार्यक्रम
बालको के सामुदायिक विकास कार्यक्रम कोरबा, कवर्धा, सरगुजा, रायगढ़ और रायपुर जिलों के 128 गांवों तक पहुंच रहे हैं। कंपनी के अनुसार ‘आरोग्य’ के माध्यम से समुदाय आधारित स्वास्थ्य सेवाओं, बालको अस्पताल के जरिए स्थानीय स्तर पर विशेषज्ञ चिकित्सा और बीएमसी के माध्यम से उन्नत कैंसर उपचार को एक साथ जोड़कर स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।

बालको का कहना है कि इन पहलों का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ और समावेशी बनाना तथा स्वस्थ एवं सशक्त समुदाय के निर्माण में योगदान देना है।