हरदीबाजार के भू-विस्थापितों का बढ़ा आक्रोश, 5 अक्टूबर को एसईसीएल सीएमडी कार्यालय घेराव की चेतावनी

मुआवजा, रोजगार और पुनर्वास की मांगों पर समाधान नहीं होने से नाराज ग्रामीण; ग्राम पंचायत ने प्रबंधन को दी अंतिम चेतावनी

हरदीबाजार। एसईसीएल द्वारा अधिग्रहित ग्राम हरदीबाजार के भू-विस्थापितों एवं प्रभावित ग्रामीणों की लंबित समस्याओं का निराकरण नहीं होने से क्षेत्र में असंतोष बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार मांग और चर्चा के बावजूद उनकी समस्याओं पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया। इसके विरोध में ग्राम पंचायत हरदीबाजार ने 5 अक्टूबर 2026 को एसईसीएल के सीएमडी कार्यालय बिलासपुर का घेराव और तालाबंदी करने की चेतावनी दी है।

जानकारी के अनुसार, 21 सितंबर 2026 को कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल की उपस्थिति में एसईसीएल बिलासपुर मुख्यालय में उच्चस्तरीय बैठक हुई थी। बैठक में भू-विस्थापितों एवं प्रभावित ग्रामीणों की उचित मुआवजा, रोजगार, पुनर्वास और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी मांगों पर चर्चा की गई थी।

ग्रामीणों के अनुसार, बैठक में एसईसीएल प्रबंधन ने 2 से 3 दिनों के भीतर समाधान का आश्वासन दिया था, लेकिन निर्धारित समय बीतने के बाद भी कोई ठोस समाधान अथवा लिखित निर्णय सामने नहीं आया।

समयसीमा खत्म, नहीं मिला लिखित निर्णय

प्रबंधन की ओर से समाधान नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई है। ग्राम पंचायत हरदीबाजार के सरपंच लोकेश्वर सिंह कंवर ने एसईसीएल अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक (सीएमडी) को भेजे पत्र में कहा है कि लगातार हो रही उपेक्षा के चलते ग्रामीण अब लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने को मजबूर हैं।

पत्र में चेतावनी दी गई है कि यदि प्रबंधन ने लंबित मांगों पर शीघ्र और न्यायपूर्ण निर्णय नहीं लिया, तो 5 अक्टूबर को कटघोरा विधायक के सहयोग एवं नेतृत्व में भू-विस्थापित और प्रभावित ग्रामीण सीएमडी कार्यालय बिलासपुर का घेराव एवं तालाबंदी करेंगे। पत्र में आंदोलन के लिए एसईसीएल प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया गया है।

स्मरण एवं चेतावनी पत्र की प्रतिलिपि जिला दण्डाधिकारी/कलेक्टर बिलासपुर, पुलिस अधीक्षक बिलासपुर तथा एसईसीएल दीपका क्षेत्र के महाप्रबंधक को भी सूचना एवं आवश्यक व्यवस्था के लिए भेजी गई है।