रिस्दी-रजगामार सड़क के लिए उठी आवाज, सीएसआर मद से निर्माण की मांग

15 गांवों के हजारों ग्रामीणों के आवागमन का प्रमुख मार्ग बदहाल,उपसरपंच ने कलेक्टर और एसईसीएल महाप्रबंधक को सौंपा पत्र

कोरबा। रिस्दी चौक से रजगामार तक लंबे समय से जर्जर सड़क अब क्षेत्रवासियों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे होने से आवागमन प्रभावित है और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। सड़क निर्माण की मांग को लेकर ग्राम पंचायत रजगामार की उपसरपंच श्रीमती पूनम चौरसिया ने कलेक्टर कुणाल दुदावत और एसईसीएल-कोरबा क्षेत्र के महाप्रबंधक को पत्र सौंपकर सड़क निर्माण के लिए सीएसआर मद से राशि स्वीकृत करने की मांग की है।

उपसरपंच के अनुसार, रिस्दी से रजगामार तक का यह मार्ग करीब 15 गांवों के ग्रामीणों के लिए महत्वपूर्ण आवागमन मार्ग है। लंबे समय से सड़क की मरम्मत और निर्माण नहीं होने के कारण कई स्थानों पर सड़क की स्थिति बेहद खराब हो गई है। बड़े-बड़े गड्ढों के कारण दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

ग्रामीणों ने सड़क की बदहाली के चलते दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ने की बात कही है।

सीएसआर से सड़क निर्माण का प्रस्ताव रखने की मांग
श्रीमती पूनम चौरसिया ने कहा कि एसईसीएल से प्रभावित क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए सीएसआर मद का प्रभावी उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने कलेक्टर के प्रयासों से कोरबा शहर की कुछ प्रमुख सड़कों के निर्माण के लिए एसईसीएल के सीएसआर मद से राशि स्वीकृत किए जाने की जानकारी का हवाला देते हुए रिस्दी चौक-रजगामार मार्ग को भी इसी तरह प्राथमिकता देने की मांग की।

उन्होंने कहा कि सड़क का निर्माण होने से रजगामार सहित आसपास के करीब 15 गांवों के लोगों को सीधे लाभ मिलेगा। विद्यार्थियों, कर्मचारियों, किसानों और रोजमर्रा के काम से आवागमन करने वाले ग्रामीणों के लिए भी यह मार्ग अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक हो सकेगा।

मामले में कलेक्टर कुणाल दुदावत ने सड़क की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक प्रक्रिया आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया तथा संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। वहीं एसईसीएल-कोरबा क्षेत्र के महाप्रबंधक ने भी कहा कि मुख्यालय से स्वीकृति प्राप्त होने के बाद सड़क निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

ग्रामीणों के साथ भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता अनिल चौरसिया भी कलेक्टर जनदर्शन में पहुंचे और सड़क निर्माण की मांग को लेकर आवेदन सौंपा।

स्थानीय ग्रामीणों ने कहा कि सड़क निर्माण केवल आवागमन की सुविधा का मामला नहीं, बल्कि क्षेत्र की सुरक्षा और बुनियादी जरूरत से जुड़ा विषय है। ग्रामीण अब कलेक्टर और एसईसीएल प्रबंधन के आश्वासन पर कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि मांग पर शीघ्र ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आगे आंदोलन का रास्ता अपनाने पर विचार किया जाएगा।