PNC में बाहरी भर्ती के विरोध में कर्मचारियों का आक्रोश,अजय बोले- मनमानी नहीं चलेगी

गेवरा खदान में तीनों शिफ्ट में काम ठप, स्थानीय भर्ती, समय पर भुगतान और HPC के अनुसार वेतन की मांग; सैकड़ों कर्मचारी आंदोलन में शामिल

कोरबा। SECL गेवरा क्षेत्र में कार्यरत निजी ठेका कंपनी PNC के कर्मचारियों ने विभिन्न मांगों को लेकर काम बंद कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। कर्मचारियों ने कंपनी प्रबंधन पर स्थानीय लोगों की उपेक्षा करते हुए अन्य राज्यों के ड्राइवर और हेल्पर भर्ती करने, समय पर भुगतान नहीं करने तथा हाई पावर कमेटी (HPC) के अनुसार वेतन का भुगतान नहीं करने का आरोप लगाया है। पेमेंट स्लिप नहीं दिए जाने को लेकर भी कर्मचारियों में नाराजगी बताई जा रही है।

मांगों को लेकर खदान पहुंचे अजय जायसवाल
कर्मचारियों ने अपनी समस्याओं की जानकारी जिला पंचायत कोरबा के पूर्व उपाध्यक्ष अजय जायसवाल को दी। इसके बाद जायसवाल खदान पहुंचे और कर्मचारियों से उनकी मांगों व समस्याओं की जानकारी ली। कर्मचारियों की मांगों को जायज बताते हुए उन्होंने उनके साथ आंदोलन में शामिल होने का निर्णय लिया।

कर्मचारियों का कहना है कि समस्याओं को लेकर कंपनी प्रबंधन को जानकारी दिए जाने के बावजूद मौके पर कोई सक्षम अधिकारी नहीं पहुंचा और न ही कर्मचारियों से चर्चा की पहल की गई। इससे कर्मचारियों में आक्रोश और बढ़ गया।

तीनों शिफ्ट में काम ठप
प्रबंधन की ओर से चर्चा की पहल नहीं होने के बाद कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से काम बंद करने का निर्णय लिया। बताया गया कि तीनों शिफ्ट में काम प्रभावित रहा और करीब 16 घंटे तक काम ठप रहा। आंदोलन में PNC कंपनी के सैकड़ों कर्मचारी शामिल हैं।

कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर समाधान नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रखा जाएगा। प्रदर्शन के दौरान स्थानीय लोगों को रोजगार में प्राथमिकता देने, वेतन का समय पर भुगतान, HPC के अनुसार भुगतान तथा कर्मचारियों को पेमेंट स्लिप उपलब्ध कराने जैसी मांगें प्रमुख रूप से उठाई गईं।

स्थानीय रोजगार को लेकर भी नाराजगी
कर्मचारियों का आरोप है कि कंपनी में बाहरी राज्यों से ड्राइवर और हेल्पर की भर्ती की जा रही है, जबकि स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसरों से वंचित किया जा रहा है।

इसी मुद्दे को लेकर स्थानीय स्तर पर भी विरोध बढ़ रहा है।

आंदोलनकारियों ने कंपनी प्रबंधन से स्थानीय भर्ती को प्राथमिकता देने और कर्मचारियों की अन्य समस्याओं का तत्काल निराकरण करने की मांग की है।