चक्रधर समारोह में आनंदिता की कथक प्रस्तुति ने मोहा दर्शकों का मन

आठ वर्षीय नृत्यांगना ने शिव पंचाक्षरी स्त्रोत और तराना की भावपूर्ण प्रस्तुति से बटोरी सराहना

कोरबा। रायगढ़ में आयोजित 41वें अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त चक्रधर समारोह-2026 की सातवीं सांस्कृतिक संध्या में कोरबा की आठ वर्षीय बाल कथक नृत्यांगना आनंदिता तिवारी ने अपनी प्रभावशाली प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कक्षा तीसरी की छात्रा आनंदिता ने कथक के माध्यम से आदि शंकराचार्य रचित शिव पंचाक्षरी स्त्रोत की भावपूर्ण प्रस्तुति देकर खूब तालियां बटोरीं।

लखनऊ घराने की कथक शैली में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही आनंदिता पिछले चार वर्षों से खैरागढ़ के गुरु तरुण कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में कथक की शिक्षा ले रही हैं। चक्रधर समारोह के मंच पर उन्होंने तीनताल एवं देश राग पर आधारित तराना प्रस्तुत किया। उनकी प्रस्तुति में भाव, लय और ताल का सुंदर सामंजस्य देखने को मिला।

राष्ट्रीय मंचों पर भी दिखा चुकी हैं प्रतिभा

कम उम्र में ही आनंदिता ने कथक के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। वह अब तक 14 प्रतिष्ठित राष्ट्रीय मंचों पर अपनी कला का प्रदर्शन कर चुकी हैं। उनकी प्रस्तुतियों को विभिन्न मंचों पर सराहना मिली है।

आनंदिता को उनकी कला प्रतिभा के लिए बाल नृत्य कला उदय सम्मान, कौशल कला सम्मान, स्वर्ण नित्य मंगलम, मंगलम महोत्सव सम्मान, नटवर गोपी कृष्ण नेशनल अवार्ड, दीप्तिमान सम्मान और कला गौरव रत्न सम्मान सहित अनेक सम्मानों से अलंकृत किया जा चुका है।

चक्रधर समारोह जैसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मंच पर आनंदिता की प्रस्तुति ने न केवल उनकी प्रतिभा को नई पहचान दी, बल्कि छोटी उम्र में भारतीय शास्त्रीय नृत्य के प्रति उनकी लगन और समर्पण को भी दर्शाया।