600 ग्राम के नवजात ने 90 दिन बाद जीती जिंदगी की जंग

शिवाय हॉस्पिटल के एनआईसीयू में विशेषज्ञों की निगरानी में हुआ उपचार, अब 2.07 किलो हुआ वजन

कोरबा।कोरबा के शिवाय हॉस्पिटल में महज 600 ग्राम वजन और 25 सप्ताह के गर्भकाल में जन्मे अति-प्रीमैच्योर नवजात ने करीब 90 दिनों तक जिंदगी की कठिन जंग लड़ने के बाद अब स्वस्थ होने की ओर कदम बढ़ाया है। लगातार चिकित्सा निगरानी और उपचार के बाद बच्चे का वजन बढ़कर 2 किलो 70 ग्राम हो गया है। अब उसे डिस्चार्ज करने की तैयारी की जा रही है।

सर्वमंगला नगर निवासी विजय समर्थ और उनकी पत्नी करीब चार वर्षों से संतान की प्रतीक्षा कर रहे थे। 15 जून की रात करीब 1 बजे गर्भवती महिला को आपात स्थिति में शिवाय हॉस्पिटल लाया गया। जांच में गर्भकाल महज 25 सप्ताह पाया गया। चिकित्सकीय स्थिति को देखते हुए अस्पताल की टीम ने तत्काल आवश्यक चिकित्सा प्रक्रिया शुरू की। प्रसव के बाद नवजात का वजन केवल 600 ग्राम था।

नवजात को तत्काल एनआईसीयू में भर्ती कर विशेषज्ञों की निगरानी में रखा गया। करीब 90 दिनों तक बच्चे की स्वास्थ्य स्थिति, वजन और अन्य चिकित्सकीय जरूरतों की लगातार निगरानी की गई। पीडियाट्रिक विशेषज्ञ डॉ. नागेंद्र बागरी के नेतृत्व में एनआईसीयू टीम के प्रयासों से धीरे-धीरे नवजात के स्वास्थ्य में सुधार आने लगा और उसका वजन बढ़ता गया।

बच्चे की देखरेख में आरएमओ डॉ. प्रवीण और डॉ. बरखा की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। 600 ग्राम से शुरू हुआ सफर अब 2.07 किलो तक पहुंच चुका है।अस्पताल प्रबंधन के अनुसार नवजात की स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है और उसे डिस्चार्ज करने की तैयारी की जा रही है।