चक्काजाम के बाद बनी बात, प्रभावित परिवारों को राहत की उम्मीद

बालको प्रबंधन ने रोजगार, पुनर्वास और विकास से जुड़े मुद्दों पर जताई सहमति; 15 दिन में होगा सर्वे

कोरबा। बालको नगर के शांतिनगर और रिंग रोड क्षेत्र में चक्काजाम के बाद प्रभावित परिवारों और बालको प्रबंधन के बीच बुधवार को सहमति बन गई। लंबे समय से पुनर्वास, रोजगार और क्षेत्र के विकास की मांग कर रहे लोगों के साथ प्रबंधन और प्रशासन की बैठक हुई। दोनों पक्षों ने लिखित सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए।

सहमति के अनुसार कूलिंग टॉवर से प्रभावित चिन्हित 80 परिवारों के अलावा छूटे हुए परिवारों के मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के आदेशों के अनुरूप कार्रवाई की जाएगी। रिंग रोड के राखड़-कोल यार्ड और शांतिनगर के कूलिंग टॉवर से प्रभावित शेष परिवारों के लिए छत्तीसगढ़ भूमि अधिग्रहण पुनर्वास नीति के तहत प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इसके लिए प्रभावित क्षेत्र का 15 दिन के भीतर सर्वे कराने पर सहमति बनी है।

बैठक में प्रभावित शांतिनगर और रिंग रोड के युवाओं को उनकी योग्यता के अनुसार रोजगार और ठेकेदारी में प्राथमिकता देने की बात भी तय हुई। रिंग रोड में सड़क चौड़ीकरण, स्ट्रीट लाइट और नाली निर्माण के कार्य कराने तथा प्लांट के समीप स्थित शांतिनगर बस्ती में बालको के सीएसआर मद से विकास कार्य कराने पर भी सहमति बनी।

लंबे समय से मांगों को लेकर नाराज प्रभावित परिवारों ने चक्काजाम किया था। इसके बाद प्रबंधन और प्रशासन ने बैठक कर समाधान की दिशा में चर्चा की। सहमति बनने के बाद लोगों ने राहत की उम्मीद जताई। वार्ता के दौरान बालको के अधिकारी और बालको थाना प्रभारी युवराज तिवारी सहित अन्य मौजूद रहे।