छत्तीसगढ़ राज्योत्सव-2026 में बालको के प्रदर्शनी पैवेलियन को मिला पुरस्कार

‘महिला शक्ति से विकसित भारत की नई उड़ान’ थीम ने खींचा ध्यान, औद्योगिक नवाचार और सामुदायिक विकास की पहल को मिली सराहना

बालकोनगर। छत्तीसगढ़ राज्योत्सव-2026 में भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) के प्रदर्शनी पैवेलियन को सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र के उपक्रम श्रेणी में तृतीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बालको की संवाद प्रमुख शुभ्रा आर. एवं जनसंपर्क अधिकारी विजय बाजपेयी को यह पुरस्कार प्रदान किया। पैवेलियन में औद्योगिक उत्कृष्टता, महिला नेतृत्व, तकनीकी नवाचार और सामुदायिक विकास की पहलों को प्रभावशाली ढंग से प्रदर्शित किया गया था।

छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस के अवसर पर 1 से 3 नवंबर तक नवा रायपुर अटल नगर स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी उद्योग एवं व्यापार परिसर में तीन दिवसीय राज्योत्सव का आयोजन किया गया। बालको के प्रदर्शनी पैवेलियन की थीम ‘महिला शक्ति से विकसित भारत की नई उड़ान’ रखी गई थी। इसमें औद्योगिक संचालन से लेकर तकनीकी क्षेत्र और सामाजिक विकास तक महिलाओं की बढ़ती भागीदारी तथा नेतृत्व क्षमता को प्रमुखता से दर्शाया गया।

525 किलो-एम्पीयर स्मेल्टर रहा आकर्षण का केंद्र
बालको के पैवेलियन में भारत के पहले और सबसे बड़े 525 किलो-एम्पीयर एल्युमिनियम स्मेल्टर को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया। इसके माध्यम से कंपनी की आधुनिक विनिर्माण क्षमता, तकनीकी नवाचार और उत्पादन उत्कृष्टता की जानकारी दी गई। साथ ही एल्युमिनियम की उत्पादन प्रक्रिया, उसकी संपूर्ण मूल्य श्रृंखला और बुनियादी ढांचे के विकास एवं राष्ट्र निर्माण में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका को भी दर्शाया गया।

बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं पूर्णकालिक निदेशक राजेश सिंह ने कहा कि राज्योत्सव में मिला यह सम्मान पूरी टीम के सामूहिक प्रयासों और उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है। औद्योगिक प्रगति और सामाजिक विकास एक-दूसरे के पूरक हैं तथा इसमें महिलाओं की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। कंपनी तकनीक और नवाचार के माध्यम से औद्योगिक क्षमताओं को मजबूत करने के साथ समुदायों के सशक्तिकरण और प्रदेश के विकास में योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध है।

128 गांवों में विकास की पहल, 1.8 लाख से अधिक लोगों तक पहुंच
बालको के हेड कॉरपोरेट अफेयर्स एवं एडमिनिस्ट्रेशन कैप्टन धनंजय मिश्रा ने कहा कि सतत विकास के लिए लोगों को सशक्त बनाना और समुदायों को मजबूत करना जरूरी है। कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण और सतत कृषि सहित विभिन्न क्षेत्रों में कंपनी की पहल लोगों के जीवन स्तर में सुधार और दीर्घकालिक सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में काम कर रही है।

प्रदर्शनी में औद्योगिक उपलब्धियों के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, युवा कौशल विकास और आजीविका संवर्धन से जुड़ी सामुदायिक विकास गतिविधियों को भी प्रदर्शित किया गया। कंपनी के अनुसार, इन पहलों के माध्यम से 128 गांवों में सकारात्मक बदलाव लाने तथा 1.8 लाख से अधिक लोगों तक पहुंच बनाने में योगदान दिया गया है।

तीन दिवसीय राज्योत्सव के दौरान बालको के पैवेलियन का प्रदेशभर से पहुंचे नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और शासकीय अधिकारियों ने अवलोकन किया। यह पुरस्कार बालको की औद्योगिक उपलब्धियों के साथ महिला नेतृत्व, सामाजिक सहभागिता और सतत विकास के प्रयासों को मिली महत्वपूर्ण पहचान माना जा रहा है।