भेड़-घोड़े के चक्कर में खूनी संघर्ष, तीर लगने से चरवाहा घायल

लाठियों से हमले में दो ग्रामीणों की हड्डियां टूटीं, जवाबी हमले में धनुष से चला तीर; तीन घायल

कोरबा। कटघोरा वनमंडल के जटगा रेंज अंतर्गत ग्राम सालिहाभाठा के तेंदूपारा में खेत में भेड़ और घोड़े चराने को लेकर ग्रामीणों और बाहरी चरवाहों के बीच विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। चरवाहों ने खेत मालिक समेत दो ग्रामीणों पर लाठियों से हमला कर दिया। मारपीट में गंगादीन मरकाम (52) की कमर और अर्जुन उड़के के हाथ में फ्रैक्चर हो गया। जवाबी हमले में गंगादीन ने धनुष से तीर चला दिया, जो भाग रहे चरवाहे लीलाधर की कमर के नीचे जा लगा।

घटना में तीन लोग घायल हुए हैं।

बताया गया कि करीब एक सप्ताह पहले कवर्धा, बिलासपुर, बेमेतरा और मुंगेली से आधा दर्जन चरवाहे क्षेत्र में पहुंचे थे। उनके साथ 650 से अधिक भेड़, बकरियां और घोड़े हैं। ग्रामीणों के खेतों में मवेशियों के घुसने और फसल नुकसान को लेकर पहले से नाराजगी थी।

मंगलवार सुबह इसी बात को लेकर गंगादीन की चरवाहों से कहासुनी हुई। करीब 9 बजे गंगादीन और अर्जुन खेत की ओर जा रहे थे, तभी चरवाहों से दोबारा सामना हो गया।

विवाद बढ़ने पर लाठियां चलने लगीं। दोनों ग्रामीणों को चोटें आईं। इसी दौरान गंगादीन ने धनुष से तीर चला दिया, जिससे लीलाधर घायल हो गया।

घायल लीलाधर को कटघोरा सीएचसी में भर्ती कराया गया है, जबकि गंगादीन और अर्जुन का उपचार मेडिकल कॉलेज अस्पताल कोरबा में चल रहा है। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर मारपीट और हत्या के प्रयास से संबंधित मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।