बालकोनगर। औद्योगिक टाउनशिप का विकास केवल आवास और कार्यस्थल तक सीमित नहीं होता, बल्कि वहां रहने वाले लोगों को बेहतर स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता, मनोरंजन, खेल और सामाजिक सुविधाएं उपलब्ध कराना भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसी सोच के साथ बालको द्वारा बालकोनगर टाउनशिप को अधिक हरित, सुंदर, सुरक्षित और सुविधासंपन्न बनाने की दिशा में विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं।
नगर निगम कोरबा के वार्ड क्रमांक 39 के पार्षद सतेंद्र दुबे ने कहा कि बालको सामुदायिक विकास के साथ टाउनशिप के सर्वांगीण विकास के लिए भी निरंतर कार्य कर रहा है।
उन्होंने बताया कि टाउनशिप एवं आसपास के क्षेत्रों में सड़कों का निर्माण एवं चौड़ीकरण,आंबेडकर स्टेडियम का आधुनिकी करण और सौंदर्यीकरण सहित विभिन्न जनहितकारी परियोजनाओं से नागरिक सुविधाओं में सुधार हो रहा है। उन्होंने आवासीय परिसर में वृक्षारोपण और सामुदायिक भवनों के निर्माण को भी उपयोगी पहल बताया।
हरियाली बनी टाउनशिप की पहचान
बालको टाउनशिप की पहचान उसकी हरियाली और खुले स्थानों से भी जुड़ी है। नेहरू उद्यान, फॉरेस्ट वॉकवे, स्मृति उद्यान और जुबली पार्क के विकास एवं सौंदर्यीकरण से यहां का वातावरण और आकर्षक हुआ है। बेहतर हरियाली और प्रकाश व्यवस्था के साथ ये स्थान लोगों को टहलने, प्रकृति के बीच समय बिताने और परिवार के साथ गुणवत्तापूर्ण समय बिताने का अवसर प्रदान कर रहे हैं।

शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं पर विशेष ध्यान
टाउनशिप में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए दिल्ली पब्लिक स्कूल, बालको टाउनशिप स्कूल, एमजीएम स्कूल और बाल सदन जैसी संस्थाएं संचालित हैं। इनमें बच्चों की पढ़ाई के साथ व्यक्तित्व विकास, अनुशासन, रचनात्मकता, खेल और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे पहलुओं पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में 125 बिस्तरों वाला बालको अस्पताल बालकोनगर और आसपास के लोगों के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। अस्पताल में सामान्य चिकित्सा के अलावा शिशु रोग, स्त्री एवं प्रसूति रोग, हड्डी रोग, ईएनटी, नेत्र रोग और दंत चिकित्सा जैसी विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध हैं। आईसीयू, डायलिसिस, पैथोलॉजी, सीटी स्कैन, मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर और आपातकालीन सेवाओं जैसी सुविधाएं भी यहां मौजूद हैं।
कचरे से खाद बनाने पर जोर
स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के लिए टाउनशिप में वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था विकसित की गई है। सॉलिड एंड लिक्विड रिसोर्स मैनेजमेंट सेंटर के माध्यम से घरेलू कचरे का संग्रहण कर उसे जैविक और अजैविक श्रेणियों में अलग किया जाता है। जैविक कचरे से खाद तैयार की जाती है, जबकि प्लास्टिक कचरे का जिम्मेदार तरीके से सह-प्रसंस्करण किया जाता है। घरों में कचरा पृथक्करण को बढ़ावा देने के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं।
खेल और सामाजिक गतिविधियों को भी बढ़ावा
टाउनशिप के सामाजिक जीवन को बेहतर बनाने के लिए मंगल भवन का नवीनीकरण किया गया है। यहां जिम के साथ सामाजिक, सांस्कृतिक एवं पारिवारिक आयोजनों के लिए सुविधाएं उपलब्ध हैं। वहीं इंडियन कॉफी हाउस की शुरुआत से कर्मचारियों, उनके परिवारों, स्थानीय निवासियों और आगंतुकों के लिए संवाद एवं मेल-मिलाप का एक नया स्थल उपलब्ध हुआ है।
खेल सुविधाओं को मजबूत करने के लिए आंबेडकर स्टेडियम के आधुनिकीकरण एवं सौंदर्यीकरण पर भी काम किया जा रहा है। इसके अलावा टाउनशिप एवं आसपास के क्षेत्रों में सड़क निर्माण, चौड़ीकरण और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्यों को भी आगे बढ़ाया जा रहा है।
उत्पादन के साथ जीवन की गुणवत्ता पर जोर
बालको टाउनशिप में किए जा रहे विकास कार्य इस सोच को रेखांकित करते हैं कि औद्योगिक विकास का दायरा केवल उत्पादन और व्यवसाय तक सीमित नहीं होना चाहिए।
हरियाली,शिक्षा,स्वास्थ्य,स्वच्छता,खेल,सामाजिक सहभागिता और बेहतर नागरिक सुविधाओं का समन्वय ही किसी टाउनशिप को बेहतर जीवन के लिए उपयुक्त बनाता है। बालकोनगर में हो रहे ये प्रयास इसी दिशा में बढ़ते कदम के रूप में देखे जा रहे हैं।
Editor – Niraj Jaiswal
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