आवास की राशि लेकर निर्माण नहीं कराया तो होगी वसूली,गबन पर FIR की चेतावनी

प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 में निगम सख्त, 2623 हितग्राहियों ने अब तक शुरू नहीं किया निर्माण; घर-घर पहुंचकर जांच कर रही टीम

कोरबा। प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के तहत आवास निर्माण में लापरवाही बरतने वाले हितग्राहियों के खिलाफ नगर निगम अब सख्त रुख अपनाने जा रहा है। राशि प्राप्त करने के बावजूद आवास निर्माण शुरू नहीं करने अथवा निर्माण कार्य अधूरा छोड़ने वाले हितग्राहियों से राशि की वसूली की जाएगी। निगम ने यह भी स्पष्ट किया है कि वसूली की राशि जमा नहीं करने पर संबंधित हितग्राही के विरुद्ध राशि गबन की एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई की जा सकती है।

नगर निगम आयुक्त आशुतोष पाण्डेय ने निगम क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के तहत चल रहे आवास निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। निर्माण कार्य में बेहतर प्रगति करने वाले हितग्राहियों की सराहना करते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को योजना के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। वहीं जिन मामलों में निर्माण शुरू नहीं हुआ है, वहां हितग्राहियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देने के साथ उन्हें समय पर निर्माण पूरा करने के लिए प्रेरित करने कहा गया।

2623 हितग्राहियों ने अब तक शुरू नहीं किया निर्माण
निगम से मिली जानकारी के अनुसार 2623 हितग्राहियों द्वारा अभी तक आवास निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं कराया गया है। इसे गंभीरता से लेते हुए निगम के सभी सात जोन के जोन कमिश्नर एवं उनकी टीमें हितग्राहियों के घर-घर पहुंचकर निर्माण की स्थिति की जानकारी ले रही हैं।

इसी क्रम में बुधवार को निगम की टीम ने कोरबा, पं. रविशंकर नगर, टी.पी. नगर, कोसाबाड़ी और दर्री सहित विभिन्न क्षेत्रों की बस्तियों का भ्रमण किया। टीम ने प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के हितग्राहियों से मुलाकात कर निर्माण की प्रगति की जानकारी ली। जिन हितग्राहियों ने अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं किया है, उन्हें निर्माण प्रारंभ करने के लिए प्रेरित करने के साथ ही निर्धारित प्रावधानों की जानकारी देकर चेतावनी भी दी गई।

18 माह में आवास पूरा करने पर अतिरिक्त प्रोत्साहन
निगम द्वारा हितग्राहियों को यह भी बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्धारित अवधि 18 माह के भीतर आवास निर्माण पूर्ण करने वाले हितग्राहियों को राज्य सरकार की ओर से 32,850 रुपये की अतिरिक्त राशि सम्मान एवं प्रोत्साहन के रूप में प्रदान की जाती है।

निगम प्रशासन का उद्देश्य हितग्राहियों को आवास निर्माण के लिए प्रेरित करने के साथ योजना की राशि का निर्धारित उद्देश्य के लिए उपयोग सुनिश्चित करना है। अधिकारियों की घर-घर निगरानी से निर्माण कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।