स्कूल भवन का काम अधूरा छोड़ना ठेकेदार को पड़ा भारी, एक साल के लिए ब्लैकलिस्ट

बार-बार नोटिस के बाद भी निर्माण शुरू नहीं करने पर निगम की कार्रवाई, अमानत राशि भी राजसात

कोरबा। नगर पालिक निगम कोरबा ने सरकारी निर्माण कार्यों में लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का सिलसिला जारी रखा है। प्राथमिक शाला डुमरमुड़ा के नवीन भवन का निर्माण अधूरा छोड़ने के मामले में निगम ने ठेकेदार मेसर्स सौमक गोस्वामी, साडा कॉलोनी जमनीपाली, कोरबा को एक वर्ष के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया है। इसके साथ ही ठेकेदार की अमानत राशि भी राजसात कर ली गई है।

नगर निगम के अनुसार वार्ड क्रमांक 54 जमनीपाली अंतर्गत प्राथमिक शाला डुमरमुड़ा में नवीन भवन निर्माण का कार्य उक्त ठेकेदार को सौंपा गया था। कार्य पूर्ण करने की निर्धारित अवधि जनवरी 2026 तक थी, लेकिन ठेकेदार ने निर्माण कार्य को बीच में ही अधूरा छोड़ दिया।

नोटिस के बाद भी नहीं शुरू किया काम
निर्माण कार्य अधूरा रहने पर निगम की ओर से ठेकेदार को कई बार कार्य पूरा करने के लिए कहा गया तथा पत्र भी जारी किए गए। इसके बावजूद निर्माण कार्य दोबारा शुरू नहीं किया गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए निगम ने संबंधित निर्माण एजेंसी को अंतिम नोटिस जारी कर सात दिनों के भीतर जवाब प्रस्तुत करने का अवसर दिया था।

निगम के अनुसार निर्धारित अवधि में ठेकेदार की ओर से कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया। इसे निर्माण कार्य के प्रति गंभीर लापरवाही मानते हुए निगम आयुक्त आशुतोष पाण्डेय ने कार्रवाई के निर्देश दिए।

निगम की निविदाओं में एक साल तक नहीं ले सकेंगे हिस्सा
कार्रवाई के तहत ठेकेदार को एक वर्ष के लिए ब्लैकलिस्ट करते हुए इस अवधि में नगर निगम कोरबा की निविदाओं में भाग लेने से प्रतिबंधित कर दिया गया है। साथ ही उसकी अमानत राशि राजसात कर ली गई है।

निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी निर्माण कार्यों में केवल कार्य की प्रगति ही नहीं, बल्कि निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ निर्माण पूरा करना भी जरूरी है। कार्यों में लापरवाही या उदासीनता सामने आने पर संबंधित ठेकेदार के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। निगम ने संकेत दिया है कि भविष्य में भी ऐसे मामलों में शिथिलता के बजाय त्वरित कार्रवाई की जाएगी।