बच्चों के स्तर के सवाल कैसे बनाएं, बीएड छात्रों ने सीखी बारीकियां

कोरबा। प्रभावी शिक्षण के लिए केवल विषय का ज्ञान पर्याप्त नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के सीखने के स्तर के अनुरूप प्रश्न तैयार करना भी जरूरी है। इसी उद्देश्य से कमला नेहरू कॉलेज में स्टरलाइट एडइंडिया फाउंडेशन द्वारा शिक्षा संकाय के विद्यार्थियों के लिए कार्यशाला एवं क्वेश्चन मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें बीएड विद्यार्थियों को बच्चों की समझ और क्षमता के अनुरूप प्रश्न तैयार करने की व्यावहारिक जानकारी दी गई।

महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रशांत बोपापुरकर के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यशाला में विद्यार्थियों को ब्लूम्स टैक्सोनॉमी के विभिन्न स्तरों से अवगत कराया गया। इसके माध्यम से विद्यार्थियों ने जाना कि बच्चों की सीखने की क्षमता के अनुसार प्रश्नों का स्तर किस प्रकार निर्धारित किया जाए और ऐसे प्रश्न कैसे तैयार किए जाएं, जो उनकी समझ, चिंतन एवं ज्ञान को परख सकें।

गतिविधियों के माध्यम से समझी 5-ई शिक्षण पद्धति
कार्यशाला के प्रथम चरण में इंटर स्टेट क्वेश्चन मेकिंग विषय पर चर्चा की गई। इसके बाद शिक्षण योजना तैयार करने में उपयोगी 5-ई मॉडल के विभिन्न चरणों को गतिविधियों के माध्यम से समझाया गया। विद्यार्थियों ने अभ्यास के जरिए यह जाना कि कक्षा में विषय को किस तरह रोचक एवं प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जा सकता है।

ट्रेनिंग मैनेजर कविता शर्मा, स्टेट हेड रघुनाथन नायर एवं प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर रितेश सिंह ने शिक्षण की प्रभावी पद्धतियों पर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने शिक्षण प्रक्रिया को इस तरह विकसित करने पर जोर दिया, जिससे शिक्षक और विद्यार्थियों दोनों के लिए सीखने का अनुभव सार्थक हो।

प्रतियोगिता से मिला व्यावहारिक अनुभव
क्वेश्चन मेकिंग प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों को सीखी गई तकनीकों को व्यवहार में उतारने का अवसर मिला। उन्होंने बच्चों के स्तर, विषयवस्तु और सीखने के उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए प्रश्न तैयार किए।

कार्यशाला का समन्वय एजुकेशन डिपार्टमेंट हेड भारती कुलदीप एवं शिक्षा विभाग के फैकल्टी सदस्यों ने किया।

कार्यशाला के माध्यम से बीएड विद्यार्थियों को भविष्य में शिक्षक के रूप में प्रभावी प्रश्न निर्माण, शिक्षण योजना और विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षण के लिए उपयोगी मार्गदर्शन मिला।