स्कूलों के 100 मीटर दायरे में पान-गुटखा की बिक्री पर निगम का शिकंजा, 64 दुकानों पर कार्रवाई

27 हजार रुपये की पेनाल्टी वसूली, तंबाकू उत्पाद जब्त; कुछ दुकानों को किया गया सील

कोरबा।शैक्षणिक संस्थानों के आसपास तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर रोक लगाने के लिए नगर पालिक निगम ने कार्रवाई तेज कर दी है। कोटपा एक्ट के तहत निगम क्षेत्र में स्कूल- कॉलेजों के 100 मीटर के दायरे में संचालित दुकानों, ठेलों और गुमटियों की जांच कर 64 दुकानों पर कार्रवाई की गई।

इस दौरान बीड़ी, सिगरेट, गुटखा, गुड़ाखू सहित अन्य तंबाकू उत्पाद जब्त किए गए। कार्रवाई के दौरान कुछ दुकानों को सील भी किया गया तथा करीब 27 हजार रुपये की पेनाल्टी लगाई गई।

यह विशेष अभियान कलेक्टर कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन एवं नगर निगम आयुक्त आशुतोष पाण्डेय के निर्देशन में नशामुक्ति भारत अभियान के अंतर्गत चलाया जा रहा है।

निगम क्षेत्र के सभी सात जोनों में टीमों का गठन किया गया है तथा निगम के अपर आयुक्त पवन वर्मा को अभियान का प्रभारी अधिकारी बनाया गया है।

चार विभागों की संयुक्त टीम ने की कार्रवाई
अभियान में नगर निगम के साथ स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीमें कार्रवाई कर रही हैं। शुक्रवार से शुरू हुए विशेष अभियान के तहत विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के आसपास दुकानों का औचक निरीक्षण किया गया।

कोसाबाड़ी जोन में शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय एवं ब्लू वर्ड पब्लिक स्कूल, टीपी नगर जोन में ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल, कोरबा जोन में प्राथमिक शाला सर्वमंगलापारा तथा सर्वमंगला नगर जोन में शासकीय विद्यालय सर्वमंगला नगर सहित अन्य स्कूल-कॉलेजों के आसपास कार्रवाई की गई।

टीमों ने स्कूल एवं अन्य शैक्षणिक संस्थानों के 100 मीटर के दायरे में स्थित दुकानों, ठेलों और गुमटियों की जांच की।

जहां तंबाकू उत्पादों का विक्रय अथवा भंडारण पाया गया, वहां सामग्री जब्त करने के साथ जुर्माने और सीलिंग की कार्रवाई की गई।

अन्य क्षेत्रों में भी जारी रहेगी कार्रवाई
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार अभियान अभी जारी रहेगा और शहर के अन्य क्षेत्रों में भी शैक्षणिक संस्थानों के आसपास स्थित दुकानों की जांच की जाएगी।कोटपा एक्ट के प्रावधानों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अभियान का उद्देश्य स्कूल-कॉलेजों के आसपास तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर प्रभावी रोक लगाकर बच्चों और युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से दूर रखना है।