मानव-हाथी द्वंद्व रोकने कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश

हाथी प्रभावित किसानों को समय पर मुआवजा देने पर जोर, संवेदनशील धान खरीदी केंद्रों में सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश

कोरबा।मानव-हाथी द्वंद्व की घटनाओं को रोकने और हाथी प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए गठित समिति की बैठक मंगलवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में कलेक्टर कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में हुई। बैठक में फसल क्षति का समय पर मुआवजा, बिजली के तारों से अवैध हुकिंग पर कार्रवाई, धान खरीदी केंद्रों में सुरक्षा व्यवस्था और वन्यजीवों से जुड़े अन्य मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में नगर निगम आयुक्त आशुतोष पांडेय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

समय पर मिले फसल क्षति का मुआवजा
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि हाथियों से फसल नुकसान की सूचना मिलने पर पटवारियों के माध्यम से निर्धारित समय-सीमा में आवश्यक रिपोर्ट तैयार कराई जाए, ताकि प्रभावित किसानों को क्षतिपूर्ति राशि जल्द मिल सके। उन्होंने ग्राम सभाओं के माध्यम से ग्रामीणों को मुआवजा प्रक्रिया और उससे जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया।

हाथियों के विचरण वाले क्षेत्रों में बिजली के तारों से की जाने वाली अवैध हुकिंग को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने विद्युत विभाग को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अवैध हुकिंग के कारण हाथियों के करंट की चपेट में आने की आशंका रहती है। विद्युत तारों को सुरक्षित ऊंचाई पर रखने तथा अवैध हुकिंग की सूचना मिलते ही लाइनमैन स्तर से तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

धान खरीदी केंद्रों में बढ़ाई जाएगी सुरक्षा
हाथी प्रभावित क्षेत्रों में संचालित धान खरीदी केंद्रों को संवेदनशील केंद्रों के रूप में चिन्हित कर वहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने पर भी चर्चा हुई। कलेक्टर ने उप-पंजीयक सहकारिता और खाद्य विभाग को निर्देश दिए कि खरीदी केंद्रों में कार्यरत कर्मचारियों को खुले में सोने से रोका जाए और उनके लिए सुरक्षित स्थान की व्यवस्था की जाए।

उन्होंने केंद्रों पर आवश्यक सुरक्षा उपायों के साथ जरूरी अधोसंरचना उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया, ताकि हाथियों की आवाजाही के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।

मृतकों के परिजनों और घायलों को मिले सहायता
बैठक में हाथियों के हमले से प्रभावित मृतकों के परिजनों तथा घायलों को मुआवजा एवं सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया समय पर पूरी करने के निर्देश पुलिस और वन विभाग को दिए गए। जंगलों में अवैध शराब निर्माण की शिकायतों पर भी चर्चा हुई। कलेक्टर ने आबकारी विभाग को पुलिस और वन विभाग के समन्वय से प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने कहा।

सांपों के रेस्क्यू के लिए उपलब्ध रहेगी टीम
वन मंडलाधिकारी जितेंद्र उपाध्याय ने बैठक के एजेंडे प्रस्तुत किए। उन्होंने बताया कि सर्पदंश की घटनाओं तथा किंग कोबरा सहित जहरीले सांपों के रेस्क्यू के लिए वन विभाग के साथ नोवा नेचर की टीम उपलब्ध रहती है। सूचना मिलने पर टीम सामान्यतः 10 से 15 मिनट के भीतर मौके पर पहुंच सकती है। आवश्यकता पड़ने पर कोई भी विभाग टीम को सूचना दे सकता है।

बैठक में जंगली हाथियों और जंगली सूअरों से फसलों एवं सब्जियों को बचाने के लिए खेतों और बाड़ियों की घेराबंदी के विषय पर भी चर्चा हुई। बाजार में तार फेंसिंग के लिए उपयोग होने वाले तारों की बिक्री से संबंधित सूची वन परिक्षेत्र कार्यालय में उपलब्ध कराने का सुझाव दिया गया, ताकि आवश्यकता पड़ने पर संबंधित स्तर पर कार्रवाई की जा सके।