गणपति की प्रतिमाओं के स्वरूप से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं : हिंदू नारायणी सेना

कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, शास्त्रसम्मत प्रतिमाओं के निर्माण के लिए गाइडलाइन जारी करने की मांग

कोरबा। गणेशोत्सव को लेकर कोरबा हिंदू नारायणी सेना ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर भगवान गणेश की प्रतिमाओं के निर्माण में शास्त्रसम्मत स्वरूप का पालन सुनिश्चित कराने की मांग की है। संगठन ने स्पष्ट कहा कि भगवान गणेश की प्रतिमाओं के स्वरूप के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ अथवा धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली प्रतिमाओं का निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में संगठन ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में गणेशोत्सव के दौरान कुछ मूर्तिकारों द्वारा भगवान गणेश के पारंपरिक एवं शास्त्रसम्मत स्वरूप से अलग हटकर कार्टून, बाल स्वरूप, एआई आधारित, नाचते-गाते अथवा डांस करते हुए स्वरूप की प्रतिमाएं तैयार किए जाने के मामले सामने आते रहे हैं। संगठन ने ऐसी प्रतिमाओं को धार्मिक मान्यताओं के अनुरूप नहीं बताते हुए इस पर रोक लगाने की मांग की।

मूर्तिकारों के लिए जारी हो स्पष्ट गाइडलाइन
हिंदू नारायणी सेना ने प्रशासन से मांग की कि गणेश प्रतिमाओं के निर्माण को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं और मूर्तिकारों को शास्त्रसम्मत स्वरूप के अनुरूप ही प्रतिमाएं तैयार करने के लिए बाध्य किया जाए।

संगठन ने प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) से निर्मित प्रतिमाओं को लेकर भी आपत्ति जताई और कहा कि इससे धार्मिक मान्यताओं के साथ पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचता है। संगठन ने मांग की कि भगवान गणेश के स्वरूप से छेड़छाड़ करने अथवा निर्धारित नियमों का उल्लंघन करने वाले संबंधित मूर्तिकारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

अधिकारी ने कार्रवाई का दिया आश्वासन
ज्ञापन सौंपने के दौरान संगठन के प्रतिनिधियों ने कहा कि हिंदू धर्म और देवी-देवताओं के स्वरूप का किसी भी रूप में अपमान स्वीकार नहीं किया जाएगा। प्रशासन की ओर से प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया गया कि मामले को संज्ञान में लेते हुए आवश्यक गाइडलाइन जारी करने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी, ताकि गणेशोत्सव के दौरान प्रतिमाओं का निर्माण निर्धारित मानकों के अनुरूप हो और कोई भी मनमाने तरीके से प्रतिमाएं तैयार न कर सके।