कबाड़ के मामले में TI, ASI समेत चार पुलिसकर्मी निलंबित

कबाड़ से लदी गाड़ी पकड़ने के बाद कार्रवाई के बजाय लेन-देन की शिकायत, जांच में संदिग्ध आचरण सामने आने पर एसपी ने की कार्रवाई

कोरबा। जिले में अवैध कारोबार और संदिग्ध गतिविधियों पर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी की सख्ती के बीच कटघोरा थाना क्षेत्र में कबाड़ से जुड़े मामले में चार पुलिसकर्मियों पर निलंबन की कार्रवाई की गई है। कबाड़ से लदे वाहन को पकड़ने के बाद नियमानुसार कार्रवाई नहीं करने और कथित लेन-देन की शिकायत सामने आने के बाद पुलिस अधीक्षक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के निर्देश दिए थे।

जांच रिपोर्ट के आधार पर कटघोरा थाना प्रभारी निरीक्षक एमबी पटेल, सहायक उप निरीक्षक राम पांडेय, आरक्षक पुष्पेंद्र कुर्रे और आरक्षक कंवर को निलंबित किया गया है।

बताया जा रहा है कि कटघोरा थाना क्षेत्र में कबाड़ से लदे एक वाहन को पुलिस ने पकड़ा था। आरोप है कि वाहन को करीब 15 से 20 दिनों तक थाने में खड़ा रखने के बावजूद मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। इसी दौरान पुलिस कार्रवाई के बजाय कथित लेन-देन की शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंची। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने कटघोरा एसडीओपी विजय राजपूत को जांच की जिम्मेदारी सौंपी।

एसडीओपी द्वारा मामले की जांच कर पुलिस अधीक्षक को प्रतिवेदन सौंपा गया। जांच रिपोर्ट में पुलिसकर्मियों के संदिग्ध आचरण और मामले में बरती गई लापरवाही को गंभीरता से लिया गया। इसके बाद एसपी ने चारों पुलिसकर्मियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की।

अवैध कारोबार पर सख्ती का संदेश
जिले में कबाड़ सहित अन्य अवैध गतिविधियों पर पुलिस लगातार कार्रवाई का दावा कर रही है। इसके बावजूद कुछ स्थानों पर कथित रूप से कबाड़ कारोबार संचालित होने की शिकायतें सामने आती रही हैं। कुछ कबाड़ी जीएसटी बिल होने का हवाला देकर अपने कारोबार को वैध बताते हैं, जबकि पुलिस को माल और दस्तावेजों की वैधता की जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई करनी होती है।

इस मामले में पुलिस अधीक्षक की कार्रवाई को विभाग में अनुशासन और जवाबदेही के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

कार्रवाई से यह संदेश भी गया है कि अवैध कारोबारियों को संरक्षण देने या उनके साथ संदिग्ध तरीके से व्यवहार करने वाले पुलिसकर्मियों को भी बख्शा नहीं जाएगा।

एसपी सिद्धार्थ तिवारी की कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप की स्थिति है। वहीं, कबाड़ कारोबार से जुड़े मामलों में आगे भी कार्रवाई और निगरानी बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।