हसदेव उफान पर, तटीय बस्तियों में बढ़ा बाढ़ का खतरा

बांगो बांध और दर्री बरॉज से 47 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने से सीतामणी, इमलीडुग्गू सहित कई इलाकों में पहुंचा पानी

निगम आयुक्त पाण्डेय ने प्रभावित क्षेत्रों का किया निरीक्षण

कोरबा। लगातार बारिश के चलते हसदेव नदी एक बार फिर उफान पर है। मिनीमाता हसदेव बांगो बांध और दर्री बरॉज से बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद नदी का जलस्तर बढ़ गया है। करीब 47 हजार क्यूसेक पानी के प्रवाह से हसदेव के तटीय इलाकों में बाढ़ का दबाव बढ़ गया है। सीतामणी, इमलीडुग्गू, कलमीडुग्गू सहित आसपास की बस्तियों में पानी पहुंचने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कई मकान जलभराव की चपेट में आए हैं, जबकि नदी किनारे की सब्जी बाड़ियों को भी नुकसान पहुंचा है।

कोरिया और एमसीबी जिले में लगातार हो रही बारिश का सीधा असर हसदेव नदी के जलस्तर पर पड़ा है। जलभराव बढ़ने के बाद मिनीमाता बांगो बांध के 9 गेटों को कुल 6 मीटर तक खोला गया, जबकि दर्री बरॉज के तीन गेट भी खोले गए हैं। बड़ी मात्रा में पानी नदी में छोड़े जाने के कारण तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।

पानी घरों तक पहुंचा, लोग सुरक्षित स्थान की तलाश में
नदी के आसपास बसे क्षेत्रों में पानी का दबाव बढ़ने से लोगों को सुरक्षित स्थानों की ओर जाने की चिंता सताने लगी है।

कुछ स्थानों पर घरों के आसपास पानी भर गया है। स्थानीय लोगों ने अपने स्तर पर जरूरी सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है। नदी किनारे की सब्जी बाड़ियों में पानी भरने से छोटे किसानों और बाड़ी संचालकों को भी नुकसान उठाना पड़ा है।

स्थिति को देखते हुए नगर निगम और प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है। लोगों को नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने तथा जलस्तर बढ़ने की स्थिति में तत्काल सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।

आयुक्त ने प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर जानी स्थिति
नगर निगम आयुक्त आशुतोष पाण्डेय ने अधिकारियों की टीम के साथ सीतामणी, इमलीडुग्गू, कलमीडुग्गू सहित प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर पहुंचकर स्थानीय लोगों से उनकी समस्याएं जानीं और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

आयुक्त ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाएगा।

11 आश्रय केन्द्र तैयार, जरूरत पर इंदिरा स्टेडियम भी बनेगा सेंटर
नगर निगम ने संभावित जलभराव को देखते हुए निगम क्षेत्र में 11 आश्रय केन्द्र तैयार किए हैं। इनमें प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला सीतामणी, पूर्व माध्यमिक शाला मिशन रोड, प्राथमिक-माध्यमिक शाला रानी गेट, प्राथमिक शाला लालघाट, अंबेडकर स्कूल, प्राथमिक शाला जोगियाडेरा, कबीर भवन, सुमेधा स्कूल, एसईसीएल स्कूल और शासकीय प्राथमिक शाला प्रेमनगर सहित अन्य स्थान शामिल हैं।

निगम के अनुसार यदि प्रभावित लोगों की संख्या बढ़ती है तो इंदिरा स्टेडियम को मुख्य आश्रय केन्द्र के रूप में उपयोग किया जाएगा। यहां भी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की तैयारी रखी गई है।

पीएम आवास में शिफ्ट होने की अपील
नदी किनारे और संभावित जलभराव वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से आयुक्त आशुतोष पाण्डेय ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनाए गए रिक्त मकानों में शिफ्ट होने की अपील की है। उन्होंने बताया कि निगम द्वारा निर्मित कई आवास वर्तमान में रिक्त हैं और उनका आबंटन होना बाकी है।

उन्होंने कहा कि पात्र हितग्राही निर्धारित न्यूनतम राशि जमा कर आवास का आबंटन प्राप्त कर सकते हैं। जरूरत पड़ने पर बैंक ऋण उपलब्ध कराने में भी सहयोग किया जाएगा।

बारिश जारी रही तो बढ़ सकती है परेशानी
मौसम में लगातार बदलाव और ऊपरी क्षेत्रों में बारिश को देखते हुए आने वाले दिनों में हसदेव नदी के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। प्रशासन ने तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और किसी भी तरह की अफवाह पर भरोसा न करते हुए प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता तटीय बस्तियों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित रखना और जलस्तर बढ़ने की स्थिति में उन्हें समय रहते आश्रय केन्द्रों तक पहुंचाना है।