स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर इंटर्न चिकित्सकों की हड़ताल

ओपीडी और वार्ड सेवाएं प्रभावित, 15,900 से बढ़ाकर 30 हजार रुपए प्रतिमाह करने की मांग

कोरबा।स्टाइपेंड बढ़ाने सहित विभिन्न मांगों को लेकर प्रदेशव्यापी आंदोलन के तहत कोरबा जिला अस्पताल में कार्यरत इंटर्न चिकित्सक 4 मई से हड़ताल पर चले गए हैं।

हड़ताल के कारण अस्पताल की ओपीडी और वार्ड सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। जिला अस्पताल में कार्यरत सभी 29 इंटर्न चिकित्सकों ने काम बंद कर आंदोलन में हिस्सा लिया है।

इंटर्न चिकित्सक डॉ. धनंजय साहू ने बताया कि प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों के इंटर्न चिकित्सक आंदोलन में शामिल हैं। उनका कहना है कि छत्तीसगढ़ में इंटर्न चिकित्सकों को अन्य राज्यों की तुलना में काफी कम स्टाइपेंड दिया जा रहा है। वर्तमान में उन्हें 15,900 रुपए प्रतिमाह स्टाइपेंड मिल रहा है, जिसे बढ़ाकर कम से कम 30 हजार रुपए प्रतिमाह किए जाने की मांग की जा रही है।

12 से 24 घंटे तक ड्यूटी का दावा
इंटर्न चिकित्सकों का कहना है कि अस्पतालों में मरीजों का काफी दबाव रहता है। उन्हें सामान्य दिनों में 12 से 24 घंटे तथा आपातकालीन परिस्थितियों में 36 घंटे तक लगातार ड्यूटी करनी पड़ती है। इसके बावजूद उनकी जिम्मेदारियों और कार्य के अनुरूप स्टाइपेंड नहीं मिल रहा है।

चिकित्सकों ने ओपीडी और वार्ड में क्लीनिकल कार्य पूरी तरह बंद कर दिया है। आंदोलन के दौरान इंटर्न चिकित्सक एकजुट होकर नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे हैं।

मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
इंटर्न चिकित्सकों ने शासन से स्टाइपेंड बढ़ाने सहित उनकी अन्य मांगों पर जल्द निर्णय लेने की अपील की है। उनका कहना है कि यदि सरकार ने मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो हड़ताल को अनिश्चितकाल तक जारी रखा जाएगा। आंदोलन प्रदेशभर में एक साथ चलाया जा रहा है।