नीट पेपर लीक पर सांसद ज्योत्सना महंत का केंद्र पर हमला, बोलीं- युवाओं की आवाज दबा रही सरकार

कोरबा। नीट परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई पर कोरबा लोकसभा सांसद श्रीमती ज्योत्सना चरणदास महंत ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले छात्रों और विपक्ष की आवाज को बलपूर्वक दबाने का प्रयास किया जा रहा है।

सांसद ज्योत्सना महंत ने कहा कि संसद में विपक्ष को अपनी बात रखने का अवसर नहीं दिया जाता और जब युवा शांतिपूर्ण ढंग से सड़क पर अपनी मांगों को लेकर उतरते हैं तो उन पर लाठियां बरसाई जाती हैं। उन्होंने कहा कि विपक्षी सांसदों ने प्रधानमंत्री आवास के सामने केवल धरना दिया था, कोई घेराव नहीं किया था, इसके बावजूद पुलिस का रवैया बेहद कठोर रहा।

उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा की तैयारी के लिए लाखों परिवार अपनी जीवनभर की कमाई खर्च करते हैं और छात्र वर्षों तक कठिन परिश्रम करते हैं। ऐसे में पेपर लीक जैसी घटनाएं उनके सपनों को तोड़ देती हैं। उनके अनुसार, यह देश के युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय है और इसके दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

सांसद महंत ने दावा किया कि परीक्षा विवाद और पेपर लीक से निराश होकर कई विद्यार्थियों ने आत्महत्या तक की है।

उन्होंने कहा कि इन मामलों में जिम्मेदारी तय कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

उन्होंने लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि लंबे समय तक धरने पर बैठे रहने के बावजूद केंद्र सरकार का कोई प्रतिनिधि उनसे मिलने नहीं पहुंचा। वहीं, छात्रों के शांतिपूर्ण मार्च पर बल प्रयोग किया गया।

ज्योत्सना महंत ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस और सिविल ड्रेस में मौजूद लोगों ने युवाओं पर लाठीचार्ज किया, जिससे कई लोग घायल हुए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रदर्शन में शामिल महिलाओं और छात्राओं के साथ अभद्र व्यवहार किया गया, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।

सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत ने यह बातें स्वर्गीय बिसाहू दास महंत की 48वीं पुण्यतिथि पर कोरबा मेडिकल कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से चर्चा के दौरान कहीं।