कुसमुंडा मार्ग पर जाम से थमा आवागमन, स्कूल बसें, एंबुलेंस और यात्री वाहन घंटों फंसे

कोरबा। कुसमुंडा मार्ग पर मंगलवार सुबह लगे भीषण ट्रैफिक जाम ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को उठानी पड़ी, जो क्लास टेस्ट देने के लिए घर से निकले थे, लेकिन घंटों जाम में फंसने के कारण समय पर स्कूल नहीं पहुंच सके। जाम में स्कूल बसों, वैन, यात्री बसों, एंबुलेंस और सैकड़ों छोटे-बड़े वाहन फंसे रहे।

सुबह घर से उत्साह के साथ निकले बच्चों का उत्साह उस समय मायूसी में बदल गया, जब स्कूल वाहन मुख्य सड़क पर जाम में फंस गए। कुछ बच्चों ने अपनी बेबसी जाहिर करते हुए चार्ट पेपर पर “मुझे स्कूल जाना है, हमारी मदद करो” लिखकर राहगीरों और प्रशासन से मदद की अपील की। कई बच्चे बार-बार वाहन चालकों से स्कूल पहुंचने का समय पूछते रहे, लेकिन जाम के कारण किसी के पास जवाब नहीं था।

इन दिनों अधिकांश स्कूलों में क्लास टेस्ट और मूल्यांकन परीक्षाएं चल रही हैं। ऐसे में घंटों जाम में फंसे रहने से कई विद्यार्थियों का टेस्ट प्रभावित हुआ। बच्चों के साथ उनके अभिभावक भी काफी चिंतित नजर आए।

जाम का असर केवल स्कूली वाहनों तक सीमित नहीं रहा। कुसमुंडा, दीपका, बांकीमोंगरा और हरदीबाजार की ओर से आने वाली यात्री बसें, निजी वाहन और एंबुलेंस भी लंबे समय तक फंसी रहीं, जिससे मरीजों और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

काफी देर तक यातायात सामान्य नहीं होने पर विश्व हिंदू परिषद के जिला अध्यक्ष सहित क्षेत्र के युवाओं ने स्वयं मोर्चा संभाला। इमलीछापर चौक से कुचैना मोड़ और एनटीपीसी पुल के नीचे तक पैदल पहुंचकर उन्होंने हल्के और भारी वाहनों को व्यवस्थित कराया, जिसके बाद धीरे-धीरे जाम खुल सका।

स्थानीय लोगों का कहना है कि कुसमुंडा क्षेत्र में ट्रैफिक जाम अब रोजमर्रा की समस्या बन चुकी है। इसके बावजूद एसईसीएल प्रबंधन और स्थानीय पुलिस की ओर से स्थायी समाधान के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।

जानकारी के अनुसार लगातार बारिश के कारण खदान के भीतर परिचालन और सर्वर संबंधी समस्याओं से भारी वाहनों की लंबी कतार लग रही है। वहीं इमलीछापर चौक से कुचैना तक संकरी सड़क, लक्ष्मण नाला का संकरा पुल तथा रेलवे फाटक लंबे समय तक बंद रहने से यातायात व्यवस्था बार-बार चरमरा रही है।

स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन और एसईसीएल से इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है।