SECL में HMS का घमासान तेज: गेवरा-दीपका इकाई भंग, आर्थिक अनियमितताओं के आरोपों पर कानूनी नोटिस

कोरबा।साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) की प्रमुख श्रमिक यूनियन हिन्द मजदूर सभा (एचएमएस) में अंदरूनी विवाद अब खुलकर सामने आ गया है। संगठन में वर्चस्व की लड़ाई के बीच केंद्रीय महासचिव नाथूलाल पाण्डेय ने गेवरा-दीपका क्षेत्र की यूनियन इकाई को तत्काल प्रभाव से भंग कर नई अंतरिम व्यवस्था लागू कर दी है। दूसरी ओर, पूर्व पदाधिकारियों द्वारा लगाए गए आर्थिक अनियमितताओं के आरोपों ने विवाद को और तेज कर दिया है।

पूर्व पदाधिकारी रेशमलाल यादव, ए. विश्वास और जावेद उस्मानी ने मीडिया से चर्चा में आरोप लगाया कि पिछले 12 वर्षों के दौरान यूनियन के सदस्यता शुल्क से प्राप्त लगभग 2 करोड़ 86 लाख रुपये का दुरुपयोग किया गया। उनका दावा है कि यह राशि यूनियन हितों के बजाय निजी कार्यों और पारिवारिक व्यवसाय में लगाई गई। आरोप यह भी है कि राशि को सदस्यों को ऋण देने के नाम पर दर्शाया गया, जबकि वास्तविक उपयोग कुछ और था।

इन आरोपों पर एचएमएस के केंद्रीय महासचिव नाथूलाल पाण्डेय ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए सभी आरोपों को निराधार और दुर्भावनापूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ करोड़ों रुपये के गबन का आरोप लगाकर उनकी छवि धूमिल करने का प्रयास किया गया है।

पाण्डेय ने स्पष्ट किया कि आरोप लगाने वाले पूर्व पदाधिकारियों को कानूनी नोटिस भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि मामला अब कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ेगा और झूठे आरोप लगाने वालों को न्यायालय में जवाब देना होगा।

एचएमएस के भीतर जारी इस विवाद ने एसईसीएल के श्रमिक संगठनों की राजनीति को गरमा दिया है। आने वाले दिनों में संगठनात्मक और कानूनी स्तर पर इस मामले में और हलचल देखने को मिल सकती है।