36 घंटे की मूसलाधार बारिश से कोरबी-चोटिया क्षेत्र बेहाल, पुल टूटे, सैकड़ों गांवों की बिजली गुल

कोरबा। पोड़ी-उपरोड़ा विकासखंड के कोरबी-चोटिया सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले 36 घंटे से हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। लगातार वर्षा से नदी-नाले उफान पर हैं, कई पुल-पुलियां क्षतिग्रस्त हो गई हैं और अनेक गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से कट गया है। सैकड़ों गांवों में बिजली आपूर्ति ठप होने से पेयजल और संचार व्यवस्था भी प्रभावित हो गई है।

सबसे गंभीर स्थिति फुलसर नाला क्षेत्र में देखने को मिली, जहां तेज बहाव के कारण पुल पूरी तरह जलमग्न हो गया।

बढ़ते जलस्तर से समीप स्थित मुक्तिधाम भी डूब गया। बाढ़ के पानी और मलबे के साथ सांप सहित कई जहरीले जीव-जंतु बहकर आने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।

स्थानीय लोगों के अनुसार वर्षों बाद इतनी भयावह स्थिति देखने को मिली है।

तेज बारिश और हवाओं के चलते 11 केवी विद्युत लाइन के दर्जनों पोल गिर गए हैं, जिससे सैकड़ों गांव अंधेरे में डूब गए हैं। बिजली आपूर्ति बाधित होने से पेयजल संकट गहरा गया है, क्योंकि अधिकांश स्थानों पर मोटर पंप बंद हैं। मोबाइल फोन चार्ज नहीं होने से लोगों का परिजनों और प्रशासन से संपर्क भी प्रभावित हो रहा है।

बारिश से परिवहन व्यवस्था भी चरमरा गई है।

सिंदूरगढ़-बासिन मुख्य मार्ग पर टेटी नदी का पुल क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे कई गांवों का संपर्क टूट गया है। वहीं तनेरा वैकल्पिक मार्ग पर कर्नाल नाले का पुल भी क्षतिग्रस्त होने से आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। इससे मरीजों, विद्यार्थियों और आवश्यक सेवाओं के आवागमन में भारी परेशानी हो रही है।

निचले इलाकों में जलभराव से कई कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचा है। प्रशासन ने लोगों से उफनते नदी-नालों और क्षतिग्रस्त पुलों को पार नहीं करने तथा सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।

इधर, प्रभावित ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से राहत एवं बचाव कार्य तेज करने, क्षतिग्रस्त बिजली व्यवस्था शीघ्र बहाल करने तथा टूटे पुलों की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है। लगातार बारिश के चलते क्षेत्र में हालात अभी भी चिंताजनक बने हुए हैं।