दादरखुर्द की 125वीं रथयात्रा बनी आकर्षण का केंद्र, शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों तक दिखी उत्कल संस्कृति की भव्य छटा
कोरबा। भगवान श्रीजगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की पावन रथयात्रा गुरुवार को पूरे कोरबा जिले में श्रद्धा, आस्था और उत्साह के साथ निकाली गई। शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों तक हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान का रथ खींचकर सुख-समृद्धि और मंगल की कामना की। “जय जगन्नाथ” के जयघोष, शंखनाद और भजन-कीर्तन से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
सुबह से ही विभिन्न मंदिरों में भगवान का अभिषेक, विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। दोपहर बाद भगवान श्रीजगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा को सुसज्जित रथों पर विराजमान कर नगर भ्रमण कराया गया। श्रद्धालुओं में रथ खींचने और भगवान के दर्शन करने का विशेष उत्साह देखने को मिला।
इस वर्ष दादरखुर्द में 125वीं ऐतिहासिक रथयात्रा विशेष आकर्षण का केंद्र रही। थवाईत परिवार द्वारा शुरू की गई इस परंपरा का निर्वहन आज भी पूरे समाज के सहयोग से किया जा रहा है। बड़ी संख्या में आसपास के गांवों से भी श्रद्धालु इस ऐतिहासिक आयोजन में शामिल हुए। नगर निगम कोरबा द्वारा आयोजन के लिए 3 लाख रुपये की सहयोग राशि भी प्रदान की गई।
इसके अलावा सीतामढ़ी, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, गोकुल नगर, सीएसईबी कॉलोनी, एसईसीएल क्षेत्र, कुसमुंडा, गेवरा, दीपका, मोगरा, कटघोरा, पाली सहित जिले के अनेक क्षेत्रों में भी रथयात्रा धूमधाम से निकाली गई। मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया और श्रद्धालुओं के स्वागत के विशेष इंतजाम किए गए।
रथयात्रा के दौरान हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन एवं पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए। प्रमुख मार्गों पर पुलिस बल की तैनाती, यातायात व्यवस्था और अन्य आवश्यक प्रबंधों के कारण सभी आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए।
10 दिनों तक गुंडिचा मंदिर में विराजेंगे महाप्रभु
रथयात्रा की परंपरा के अनुसार भगवान श्रीजगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा अब अगले 10 दिनों तक गुंडिचा मंदिर (मौसी मां के घर) में विराजमान रहेंगे। इस दौरान विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित होंगे। निर्धारित तिथि पर बहुड़ा (वापसी) रथयात्रा के साथ भगवान पुनः अपने मूल मंदिर लौटेंगे।
Editor – Niraj Jaiswal
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