ऐश डाइक सुरक्षा की परखी तैयारी, बालको ने किया आपातकालीन मॉकड्रिल

कोरबा। बालको प्रबंधन ने जामबहार गांव स्थित ऐश डाइक-2 परिसर में व्यापक आपातकालीन मॉकड्रिल आयोजित कर ऐश डाइक की सुरक्षा व्यवस्था, पर्यावरण संरक्षण और आपदा प्रबंधन तैयारियों का परीक्षण किया।

अभ्यास का उद्देश्य आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली की प्रभावशीलता का आकलन करना तथा विभिन्न विभागों की समन्वित कार्यशैली को परखना था।

मॉकड्रिल के दौरान भारी बारिश और बादल फटने के कारण ऐश डाइक के ऊपर से पानी बहने तथा डाइक के क्षतिग्रस्त होने की काल्पनिक स्थिति बनाई गई। सूचना मिलते ही आपातकालीन सायरन बजाया गया और साइट इमरजेंसी प्लान के तहत सभी संबंधित टीमों ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिए।

अभ्यास का नेतृत्व बालको के डिप्टी सीईओ (पावर) मंतोष कुमार सिंहा ने किया। इस दौरान मुख्य ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस अधिकारी मयंक श्रीवास्तव, चीफ इंसीडेंट कंट्रोलर अनिल कुमार मिश्रा, इंसीडेंट कंट्रोलर मुकुंद जी एडगांवकर, चीफ एचएसई एंड एस ऑफिसर बी. शिवाकुमार, सामुदायिक विकास अधिकारी प्रिंसी जॉन तथा चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर भारतेंदु कमल पांडे सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

प्रभावित क्षेत्र की घेराबंदी कर चलाया गया रेस्क्यू अभियान
मॉकड्रिल के दौरान बचाव दलों ने प्रभावित क्षेत्र की घेराबंदी कर काल्पनिक रूप से घायल व्यक्तियों को सुरक्षित बाहर निकाला और प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया। साथ ही उपकरणों को सुरक्षित रूप से बंद किया गया तथा कर्मचारियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। सभी निर्धारित प्रक्रियाएं सफलतापूर्वक पूरी होने के बाद स्थिति को सामान्य घोषित किया गया।

मॉकड्रिल का अवलोकन प्रशासनिक अधिकारियों और विभिन्न हितधारकों ने भी किया।

इस दौरान नायब तहसीलदार दीपक पटेल, पुलिस विभाग से अजय सिंह एवं उनकी टीम, छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के क्षेत्रीय कार्यालय से रोहित कुमार तथा आसपास के गांवों के नागरिक भी उपस्थित रहे। बालको प्रबंधन ने बताया कि इस तरह के नियमित अभ्यास आपदा की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक हैं।