20 वर्षों की साधना रंग लाई, उत्तरा मानिकपुरी बनीं कोरबा की पहली रेंजर लीडर ट्रेनर

कोरबा। भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के क्षेत्र में कोरबा जिले को एक ऐतिहासिक उपलब्धि मिली है। जिले की वरिष्ठ स्काउट-गाइड प्रशिक्षक उत्तरा मानिकपुरी ने 20 वर्षों के समर्पण, अनुशासन और निरंतर प्रयासों के बाद प्रतिष्ठित रेंजर लीडर ट्रेनर की योग्यता प्राप्त कर कोरबा जिले की पहली रेंजर लीडर ट्रेनर बनने का गौरव हासिल किया है।

उत्तरा मानिकपुरी ने भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के राष्ट्रीय प्रशिक्षण केंद्र पचमढ़ी में 15 से 21 जून 2026 तक आयोजित लीडर्स ट्रेनर्स कोर्स को सफलतापूर्वक पूर्ण कर यह उपलब्धि अर्जित की। स्काउटिंग आंदोलन में यह प्रशिक्षण योग्यता सर्वोच्च मानी जाती है और इसे केवल अनुभवी, समर्पित एवं उत्कृष्ट कार्य करने वाले लीडर्स को ही प्राप्त करने का अवसर मिलता है।

उत्तरा मानिकपुरी की सफलता के पीछे दो दशकों का लंबा संघर्ष और निरंतर सीखने की प्रक्रिया रही है। उन्होंने वर्ष 2007 में रेंजर लीडर के रूप में बेसिक कोर्स पूरा किया।

इसके बाद वर्ष 2011 में एडवांस कोर्स, 2014 में प्रतिष्ठित हिमालय वुड बैज कोर्स, 2017 में प्री-एएलटी, 2020 में असिस्टेंट लीडर ट्रेनर कोर्स पूर्ण किया और अंततः वर्ष 2026 में लीडर ट्रेनर बनकर अपनी साधना को नई ऊंचाई दी।

वर्तमान में उत्तरा मानिकपुरी जून 2010 से जिला संगठन आयुक्त (गाइड), कोरबा के पद पर कार्यरत हैं। वे छत्तीसगढ़ की सबसे वरिष्ठ जिला संगठन आयुक्तों में भी शामिल हैं।

उन्होंने अपने स्काउटिंग जीवन की शुरुआत विद्यालयीन शिक्षा के दौरान एक गाइड के रूप में की थी और लगातार प्रगति करते हुए आज इस सर्वोच्च उपलब्धि तक पहुंची हैं।

उत्तरा मानिकपुरी को एक कुशल प्रशिक्षक, प्रेरक वक्ता और समर्पित लीडर के रूप में जाना जाता है। उनके मार्गदर्शन में अनेक छात्र-छात्राओं और युवा लीडर्स ने प्रशिक्षण प्राप्त कर समाज सेवा, नेतृत्व विकास और राष्ट्र निर्माण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है।

उनकी इस उपलब्धि पर स्काउट्स एवं गाइड्स परिवार, शिक्षा जगत तथा जिले के विभिन्न सामाजिक संगठनों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी है। यह सफलता कोरबा जिले के लिए गर्व का विषय मानी जा रही है।