रेत माफियाओं पर ड्रोन से शिकंजा: सीतामढ़ी में अवैध उत्खनन करते 3 वाहन जब्त, अब रात में भी नहीं बच सकेंगे

कोरबा। जिले में अवैध रेत खनन के खिलाफ प्रशासन ने अब तकनीक का सहारा लेते हुए बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देश पर खनिज विभाग ने ड्रोन कैमरे और थर्मल इमेजिंग तकनीक की मदद से अवैध उत्खनन करने वालों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।

शुक्रवार को सीतामढ़ी क्षेत्र में चलाए गए विशेष अभियान में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन में लगे तीन वाहनों को जब्त किया गया।

खनिज उड़नदस्ता दल ने हसदेव नदी के सीतामढ़ी क्षेत्र में ड्रोन कैमरे से निगरानी की। इस दौरान नदी में अवैध रूप से रेत निकाल रही एक जेसीबी की गतिविधियां कैमरे में कैद हुईं। ड्रोन की मदद से वाहन की लोकेशन को इमलीडुग्गू तक ट्रैक किया गया। इसके बाद मौके पर पहुंची जांच टीम ने दबिश देकर अवैध उत्खनन में लगी जेसीबी और रेत परिवहन कर रहे एक टीपर को जब्त कर खनिज जांच चौकी उरगा की अभिरक्षा में रखा।

इसी अभियान के दौरान राताखार क्षेत्र में अवैध रेत परिवहन करते पाए गए एक ट्रैक्टर को भी जब्त कर रामपुर थाना के सुपुर्द किया गया। इस तरह एक ही अभियान में तीन वाहनों पर कार्रवाई कर खनिज विभाग ने अवैध कारोबारियों को स्पष्ट संदेश दिया है।

खनिज विभाग के अनुसार जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर पूर्ण रोक लगाने के लिए यह अभियान लगातार जारी रहेगा। दोषियों के खिलाफ खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 तथा छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 के तहत सख्त कार्रवाई की जा रही है।

सहायक खनि अधिकारी राकेश वर्मा ने बताया कि अब ड्रोन निगरानी को नियमित बनाया जाएगा। साथ ही रात के अंधेरे में अवैध खनन करने वालों की पहचान के लिए थर्मल इमेजिंग तकनीक का भी उपयोग किया जाएगा। इससे भागने या वाहन छिपाने की कोशिश करने वाले भी कार्रवाई से नहीं बच सकेंगे।

खनिज विभाग ने आम नागरिकों से भी अवैध खनन की सूचना प्रशासन को देने की अपील करते हुए कहा है कि प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा और शासकीय राजस्व की रक्षा के लिए जनसहयोग आवश्यक है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन के खिलाफ अभियान आगे भी और अधिक सख्ती के साथ जारी रहेगा।