सेनेटरी कचरा व विशेष देखभाल कचरा का संग्रहण अब पंचायतों में होगा प्रारंभ: दिनेश

ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कार्यशाला आयोजित, 65 पंचायतों के सचिव हुए शामिल

कोरबा।ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए नगर पालिका निगम कोरबा के पंडित जवाहरलाल नेहरू सभागृह में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में जिले की 65 ग्राम पंचायतों के पंचायत सचिवों सहित विभिन्न विकासखंडों के बल्क वेस्ट जनरेटर श्रेणी के हितधारकों ने भाग लिया।

जिला पंचायत सीईओ दिनेश कुमार नाग ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में गीले कचरे का उपयोग खाद बनाने में किया जा रहा है। अब सूखे कचरे के साथ-साथ सेनेटरी कचरा और विशेष देखभाल कचरे के संग्रहण की व्यवस्था भी ग्राम पंचायतों में शुरू की जा रही है। उन्होंने बताया कि स्वच्छाग्रही दीदियां गांवों में घर-घर पहुंचकर कचरा संग्रहण का कार्य करेंगी, जिससे स्वच्छता अभियान को और मजबूती मिलेगी।

बल्क वेस्ट जनरेटरों का पंजीयन अनिवार्य
कार्यशाला में बताया गया कि केंद्रीय एवं राज्य सरकार के विभाग, स्थानीय निकाय, सार्वजनिक उपक्रम, निजी कंपनियां, पर्यटन स्थल, होटल, अस्पताल, रेलवे स्टेशन, स्कूल, कॉलेज, छात्रावास, सामुदायिक भवन, आवासीय सोसायटी तथा औद्योगिक इकाइयां बल्क वेस्ट जनरेटर की श्रेणी में आती हैं। इन सभी संस्थानों के लिए पंजीयन कराना अनिवार्य होगा।

ग्रामीण स्वच्छता मॉडल को मिलेगा बढ़ावा
अधिकारियों ने बताया कि पहले कचरा संग्रहण और पृथक्करण का कार्य मुख्य रूप से शहरी निकाय क्षेत्रों तक सीमित था, लेकिन अब ग्राम पंचायतों में भी इसे व्यवस्थित रूप से लागू किया जा रहा है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता प्रबंधन को नया आयाम मिलेगा।

कार्यशाला में नगर निगम आयुक्त आशुतोष पाण्डेय, क्षेत्रीय अधिकारी पर्यावरण संरक्षण मंडल प्रसन्ना सोनकर, उपायुक्त नगर निगम, स्वच्छता निरीक्षक डॉ. संजय तिवारी, जिला समन्वयक एसबीएम (जी) विमल धिरही, विभिन्न विकासखंडों के समन्वयक, पंचायत सचिव एवं बल्क वेस्ट जनरेटर से जुड़े प्रतिनिधि उपस्थित रहे।